उत्तराखंडदेहरादून

उत्तराखंड में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट : प्रदेश में बारिश व भूस्खलन से 78 सड़कें बंद, एक अप्रैल से अब तक 45 की मौत, 47 घायल

1,370 मकानों को हुआ नुकसान, चमोली में सबसे ज्यादा 16 मौतें , लगातार हो रही बारिश से जनजीवन हो रहा प्रभावित 
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की बारिश से मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार बारिश के चलते पहाड़ों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने से सड़कें बाधित हो रही हैं, जबकि नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में लगातार खतरा बना हुआ है।लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 30 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अप्रैल 2026 से अब तक प्राकृतिक आपदाओं में 45 लोगों की मौत और 47 लोग घायल हो चुके हैं। वहीं 846 छोटे बड़े पशुओं की मौत हुई है।
प्राकृतिक आपदा से हुई 45 मौतों में सबसे ज्यादा 16 मौतें चमोली जिले में दर्ज की गई हैं। पिथौरागढ़ में सात, रुद्रप्रयाग में चार, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी और उत्तरकाशी में तीन-तीन, जबकि अल्मोड़ा और देहरादून में दो-दो लोगों की मौत हुई है। टिहरी और ऊधमसिंह नगर में एक-एक मौत दर्ज है।
वहीं, आपदा में 47 लोग घायल हुए हैं। चमोली में 13, रुद्रप्रयाग में सात, टिहरी और बागेश्वर में छह-छह तथा अन्य जिलों में भी लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट में फिलहाल किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना दर्ज नहीं है।
1,370 मकानों को नुकसान
बारिश और आपदा से प्रदेश में मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार 1,239 मकान आंशिक रूप से, 68 गंभीर रूप से और 23 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 40 मकान ध्वस्त हुए हैं।
पिथौरागढ़ में सबसे ज्यादा 19 सड़कें बंद
बारिश और भूस्खलन का असर सड़क संपर्क पर भी पड़ा है। राज्य में वर्तमान में 78 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा 19 सड़कें पिथौरागढ़, 12 देहरादून, 10 चमोली, आठ-आठ बागेश्वर और नैनीताल, सात टिहरी तथा छह रुद्रप्रयाग में बंद हैं।
जिलेवार बंद सड़कें
जिला सड़कें बंद
पिथौरागढ़ 19
देहरादून 12
चमोली 10
बागेश्वर 8
नैनीताल 8
टिहरी     7
रुद्रप्रयाग 6
पौड़ी      3
उत्तरकाशी 3
अल्मोड़ा 2
कुल    78
कल देहरादून-नैनीताल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, एक सितंबर को देहरादून और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागश्वर, चंपावत, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश हो सकती है।
कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
आईएमडी की फ्लैश फ्लड रिस्क रिपोर्ट में उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और उत्तरकाशी को अगले 24 घंटे के फ्लैश फ्लड जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
मौसम विभाग ने चेताया है कि तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क और पुलों के बाधित होने के साथ निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने चारधाम और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्रियों और पर्यटकों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र को पार न करने और बाढ़ वाले क्षेत्रों से होकर वाहन नहीं निकालने की भी सलाह दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *