Uttarakhand : शिक्षा क्षेत्र में भी कांग्रेस का राजनैतिक लबादा ओढ़ना दुर्भाग्यपूर्ण-मनवीर चौहान
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कहा-
शिक्षा की गुणवत्ता नही, तुष्टिकरण है कांग्रेस का ध्येय
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मानवीर सिंह चौहान ने कहा कि अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों मे गुणवत्तापरक शिक्षा को लेकर सरकार जो सुधारत्मक कदम उठाने जा रही है ,उस पर कांग्रेस की ओर से उठ रहे विरोध के स्वर दुर्भाग्यपूर्ण और तुष्टिकरण के हैं।
पूर्व सीएम हरीश रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बने इसके लिए सरकार कानून बना रही है। अब उन विधालयों मे ऐसे शिक्षक तैनात होंगे जो कि सभी अहर्तायें पूरी करे। छात्रों को अन्य विद्यालयों में दी जा रही सुविधाएं मिलेगी। हालांकि इसके लिए पंजीकरण की शर्त अनिवार्य की गयी है जो कि सही है। इससे शैक्षिक गुणवत्ता के साथ ही अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।चौहान ने राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को अब पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से मान्यता मिलेगी। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। अन्य अल्पसंख्यक समुदायों सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी को भी यह सुविधा मिलेगी। हालांकि
अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा पाने के लिए मान्यता लेने और संस्थानों की स्थापना एवं संचालन में हस्तक्षेप नहीं न करने बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और उत्कृष्टता मे सहयोग जैसे कदम साराहनीय हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता नही, तुष्टिकरण है कांग्रेस का ध्येय
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मानवीर सिंह चौहान ने कहा कि अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों मे गुणवत्तापरक शिक्षा को लेकर सरकार जो सुधारत्मक कदम उठाने जा रही है ,उस पर कांग्रेस की ओर से उठ रहे विरोध के स्वर दुर्भाग्यपूर्ण और तुष्टिकरण के हैं।
पूर्व सीएम हरीश रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बने इसके लिए सरकार कानून बना रही है। अब उन विधालयों मे ऐसे शिक्षक तैनात होंगे जो कि सभी अहर्तायें पूरी करे। छात्रों को अन्य विद्यालयों में दी जा रही सुविधाएं मिलेगी। हालांकि इसके लिए पंजीकरण की शर्त अनिवार्य की गयी है जो कि सही है। इससे शैक्षिक गुणवत्ता के साथ ही अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।चौहान ने राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को अब पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से मान्यता मिलेगी। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। अन्य अल्पसंख्यक समुदायों सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी को भी यह सुविधा मिलेगी। हालांकि
अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा पाने के लिए मान्यता लेने और संस्थानों की स्थापना एवं संचालन में हस्तक्षेप नहीं न करने बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और उत्कृष्टता मे सहयोग जैसे कदम साराहनीय हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर समुदाय विशेष को गुमराह करती रही है और तुष्टिकरण की नीति अपनाती रही है। कांग्रेस का यही रवैया अतिक्रमण हटाओ अभियान में भी दिखा। शिक्षा जैसे अहम विषय पर जिस तरह से कांग्रेस नकारात्मक रुख अपना रही है, उससे साफ है कि वह अल्पसंख्यकों की कितनी हितैषी है।

