उत्तराखंडदेहरादूनधर्म-संस्कृति

उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति मंत्री महाराज ने कहा- यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना से  करें कार्य

वैकुंठ धाम भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने पर दी शुभकामनाएं
देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ धाम के बाद देवभूमि उत्तराखंड स्थित भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
 महाराज ने कहा कि 6 माह के शीतकाल के बाद श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री, श्री केदारनाथ धाम के पश्चात देवभूमि उत्तराखंड स्थित भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुलने के साथ ही विधिवत् रुप से चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अनुरोध करते हुए कहा कि उत्तराखंड देवी-देवताओं की पवित्र भूमि है। इसलिए इस बात का प्राथमिकता से ध्यान रखें कि यात्रा के दौरान कहीं भी प्लास्टिक, कचरा और शोर-शराबा न हो। 
 महाराज ने चारधाम यात्रा के दौरान सेवा कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, बीआरओ, स्वास्थ्य विभाग एवं पर्यटन विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों से कहा है कि आप देवभूमि के प्रहरी हैं। इसलिए “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करते हुए देवभूमि उत्तराखंड का नाम रोशन करें। उन्होंने पंडा-पुरोहित समाज को भक्त और भगवान के बीच सेतु बताते हुए कहा कि आपके मंत्रों से ही धाम की दिव्यता जीवित है। 
 महाराज ने होटल-रेस्टोरेंट व्यवसायियों और यात्रा रुट पर पड़ने वाले सभी दुकानदारों से आग्रह किया है कि वह अपनी वस्तुओं और सेवाओं का यात्रियों से वाजिब दाम लें। लोकल को बढ़ावा देते हुए मंडुए की रोटी, गहत की दाल, पहाड़ी राजमा आदि यात्रियों को परोसें। उन्होंने कहा कि टूर-ट्रैवल संचालक यात्रा के सूत्रधार हैं। यात्री आप पर भरोसा करके घर से निकलता है। इसलिए यात्री को सही जानकारी दें। रजिस्ट्रेशन, मौसम, मेडिकल की जरूरत पहले बता दें और अपने पैकेज में 1-2 दिन का अतिरिक्त समय अवश्य रखें। भागम भाग में यात्री बीमार होता है। गाड़ी में क्षमता से ज्यादा सवारी न बैठाएं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हम सबकी साझी जिम्मेदारी है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *