छात्र संघ चुनावों में मिलेगा छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्वः डाॅ. रावत कहा, महाविद्यालयों व विश्वविद्यालय परिसरों में 65 फीसदी से अधिक हैं छात्राएं
उच्च शिक्षा मंत्री ने ऑनलाइन वर्चुअल बैठक में अधिकारियों को दिये निर्देश
देहरादून।सूबे के राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय परिसरों में होने वाले छात्र संघ चुनावों में अब छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व मिलेगा। इसके लिये राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को छात्र संघ एवं छात्र परिषदों में प्रतिनिधित्व के ढांचे में संशोधन करने को कहा गया है। वर्तमान में राज्य विश्वविद्यालयों एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में 65 फीसदी से अधिक छात्राओं की संख्या है, ऐसे में छात्र संघ व छात्र परिसदों में छात्राओं को प्रतिनिधित्व दिया जाना आवश्यक है जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल है।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर वर्चुअल माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने राज्य विश्वविद्यालय परिसरों व महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व दिये जाने के निर्णय के क्रियान्वयन में हो रही लेटलतीफी पर विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को छात्र परिषद व छात्र संघों में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिये तीन दिन के भीतर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को छात्र परिषद व छात्र संघों में प्रतिनिधित्व के मौजूदा ढांचे में संशोधन कर छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व के साथ छात्र संघ चुनावों की तिथियां भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र घोषित करने को कहा।
डाॅ. रावत ने कहा कि वर्तमान में राज्य विश्वविद्यालय परिसरों व महाविद्यालयों में 65 फीसदी से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। ऐसे में छात्र संघ व छात्र परिषदों में भी उनकी पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व मिलने से उनकी समस्याओं और सुझावों को छात्र संघ व छात्र परिषद के मंच पर प्रभावी ढंग रखने का अवसर मिलेगा। छात्र मंचों पर छात्राओं की मजबूत भागीदारी से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में महिला नेतृत्व को भी बढ़ावा मिलेगा।
वर्चुअल बैठक में कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलपति सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय प्रो. एस.एस. बिष्ट, कुलपति मुक्त विश्वविद्यालया एवं प्रभारी कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो. रमाकांत पाण्डेय, कुलपति श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय प्रो. अम्बरीश महाजन, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. ए.एस उनियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

