राज्यपाल ने कहा – कारगिल युद्ध में देश के वीर सैनिकों का बलिदान सदैव रहेगा स्मरणीय , शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को किया सम्मानित
राज्यपाल ने चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
देहरादून। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने रविवार को चीड़बाग, देहरादून स्थित शौर्य स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राज्यपाल ने कारगिल युद्ध के शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को सम्मानित कर उनके अदम्य साहस, धैर्य और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को नमन किया। उन्होंने गैलेंट्री अवार्ड प्राप्त वीर सैनिकों तथा समाज और राष्ट्रहित में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश के वीर सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया, इन अमर शहीदों का त्याग और समर्पण सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है तथा उनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
राज्यपाल ने वीर नारियों और शहीद परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका साहस, धैर्य और आत्मबल पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पूरा राष्ट्र, भारतीय सेना और सैनिक परिवार सदैव उनके साथ खड़ा है। यदि किसी भी प्रकार की आवश्यकता या समस्या आती है तो सैनिक परिवार का प्रत्येक सदस्य उनकी सहायता के लिए तत्पर रहेगा।
उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य विजय का स्मरण नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय अस्मिता, संप्रभुता, अदम्य साहस और अटूट आत्मविश्वास का प्रतीक है। पूरी दुनिया ने देखा कि जब-जब भारत की अखंडता और स्वाभिमान को चुनौती मिली, तब-तब भारतीय सैनिकों ने अपने अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान से राष्ट्र की रक्षा की।
इस अवसर पर जीओसी सब एरिया मेजर जनरल एम पी एस गिल सहित नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी, जेसीओ और देहरादून स्टेशन के सैनिक, एनसीसी कैडेट, स्कूली छात्र-छात्राएं, वीर नारियां और माताएं तथा पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

