शीशमबाड़ा प्लांट की समस्याओं के समाधान को लेकर नगर आयुक्त सख्त, प्लांट स्थानांतरण की प्रक्रिया में लाई जाएगी तेजी, प्रतिमाह होगी प्रगति की समीक्षा
कूड़ा निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश
देहरादून। नगर निगम देहरादून के नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में शुक्रवार को शीशमबाड़ा स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) प्लांट में कूड़ा निस्तारण एवं प्लांट से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्लांट के संचालन, लंबे समय से लंबित समस्याओं तथा स्थानीय नागरिकों एवं पछवादून संयुक्त समिति द्वारा उठाई गई मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शीशमबाड़ा प्लांट पर लंबे समय से जमा कूड़े का वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित कंपनी को निर्देशित किया कि कूड़ा निस्तारण की गति बढ़ाई जाए तथा प्लांट के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूर्ण किए जाएं।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों एवं संबंधित फर्म को निर्देश दिए कि प्लांट के संचालन से जुड़ी सभी तकनीकी एवं पर्यावरणीय कमियों को तत्काल दूर किया जाए तथा क्षेत्र में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निगम जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर गंभीर है और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान उसकी प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान पछवादून संयुक्त समिति द्वारा पूर्व में उठाई गई मांगों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। स्थानीय जनता की भावनाओं एवं आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए शीशमबाड़ा प्लांट के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त भूमि चयन की पूर्व से चल रही प्रक्रिया को और अधिक गति देने पर सहमति बनी। साथ ही इस महत्वपूर्ण विषय की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रत्येक माह नियमित बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया, ताकि स्थानांतरण की प्रक्रिया निर्धारित समय में आगे बढ़ सके।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विकास समिति एवं स्थानीय नागरिकों से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करें।
बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, पछवादून संयुक्त समिति के सदस्य, प्लांट संचालित करने वाली कंपनी के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राजेंद्र गंगारी, अमित अग्रवाल, अरुण कुमार, उमा देवी पंवार, नीना गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने बैठक में सहभागिता करते हुए अपने सुझाव एवं समस्याएं नगर आयुक्त के समक्ष रखीं।
नगर आयुक्त ने सभी संबंधित पक्षों को आश्वस्त किया कि शीशमबाड़ा प्लांट से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान पारदर्शी, संवेदनशील एवं समयबद्ध तरीके से किया जाएगा तथा नगर निगम जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
देहरादून। नगर निगम देहरादून के नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में शुक्रवार को शीशमबाड़ा स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) प्लांट में कूड़ा निस्तारण एवं प्लांट से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्लांट के संचालन, लंबे समय से लंबित समस्याओं तथा स्थानीय नागरिकों एवं पछवादून संयुक्त समिति द्वारा उठाई गई मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शीशमबाड़ा प्लांट पर लंबे समय से जमा कूड़े का वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित कंपनी को निर्देशित किया कि कूड़ा निस्तारण की गति बढ़ाई जाए तथा प्लांट के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूर्ण किए जाएं।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों एवं संबंधित फर्म को निर्देश दिए कि प्लांट के संचालन से जुड़ी सभी तकनीकी एवं पर्यावरणीय कमियों को तत्काल दूर किया जाए तथा क्षेत्र में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निगम जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर गंभीर है और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान उसकी प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान पछवादून संयुक्त समिति द्वारा पूर्व में उठाई गई मांगों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। स्थानीय जनता की भावनाओं एवं आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए शीशमबाड़ा प्लांट के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त भूमि चयन की पूर्व से चल रही प्रक्रिया को और अधिक गति देने पर सहमति बनी। साथ ही इस महत्वपूर्ण विषय की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रत्येक माह नियमित बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया, ताकि स्थानांतरण की प्रक्रिया निर्धारित समय में आगे बढ़ सके।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विकास समिति एवं स्थानीय नागरिकों से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करें।
बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, पछवादून संयुक्त समिति के सदस्य, प्लांट संचालित करने वाली कंपनी के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राजेंद्र गंगारी, अमित अग्रवाल, अरुण कुमार, उमा देवी पंवार, नीना गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने बैठक में सहभागिता करते हुए अपने सुझाव एवं समस्याएं नगर आयुक्त के समक्ष रखीं।
नगर आयुक्त ने सभी संबंधित पक्षों को आश्वस्त किया कि शीशमबाड़ा प्लांट से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान पारदर्शी, संवेदनशील एवं समयबद्ध तरीके से किया जाएगा तथा नगर निगम जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

