बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत दिवेदी ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर किया पलटवार, गोदियाल के आरोपों को बताया कांग्रेस के कृत्यों से ध्यान भटकने की कोशिश
श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता कर जमकर साधा निशाना ,
कहा – बिना तथ्यों एवं प्रमाणों के निराधार आरोप लगाकर जांच प्रभावित करने और दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे गोदियाल
देहरादून । श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत दिवेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनर्गल आरोपों को कांग्रेस के कृत्यों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक कार्यकर्ता और छात्रा की मौत के ग़मगीन माहौल में गोदियाल समेत तमाम कांग्रेसी अपने युवराज के स्वागत में बेशर्मी से नाचते नजर आए, वो उनकी खराब मानसिकता को दर्शाता है।
वहीं पलटवार कर कहा कि जिन्होंने समिति के करोड़ों रुपए के संसाधन अपनी सेवा में खर्च किए, जिन्होंने मंदिर को चंदे में मिले दान को अपने चहेतों पर लुटाया, उनका मंदिर पर ज्ञान और नैतिकता का पाठ देना दुर्भाग्यपूर्ण है। फिलहाल मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर गड़बड़ी और चोरी आदि सभी प्रकरण पर जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया गया, उसे किसी कीमत पत्र बख्शा नहीं जाएगा। गोदियाल पर बिना तथ्यों एवं प्रमाणों के झूठे आरोप लगाकर जांच प्रभावित करने और दोषियों को बचाने की कोशिश बताया है।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए दिवेदी ने कहा कि श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। यह किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे देश की श्रद्धा का विषय है। प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की सरकार कार्य कर रही है। वर्तमान गड़बड़ी और चोरी के सामने आए दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण को मुख्यमंत्री ने पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया है। उनके निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच चल रही है, इसलिए हमारा उद्देश्य किसी को बचाना या इसकी छवि को खराब करना नहीं, बल्कि हम चाहते है कि सत्य सबके सामने आना चाहिए। इन सारे मामलों में तीन तरह की जांच चल रही है।
एसआईटी, विभागीय जांच, और उच्च स्तरीय जांच राज्य स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में गतिमान है।
आज पूर्व अध्यक्ष, श्री बद्री-केदार मंदिर समिति और वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि मंदिर के ‘चंदा चोर’ आरोपों में जो दूसरा अभियुक्त गिरफ्तार हुआ है, उसने यह कहा है कि उसको ऊपर से निर्देश मिलते थे। मैं जानना चाहता हूँ कि गोदियाल को यह जानकारी कहाँ से मिली? क्या आरोपी से उनकी कोई बातचीत हुई है या पुलिस की जो जांच कर रही है, उसमें गोदियाल को कोई जानकारी प्राप्त हुई है? क्योंकि यह कहीं पर भी पब्लिक डोमेन में, मेरी जानकारी में यह बात नहीं है। अगर यह बात झूठी है, तो मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि वह कहीं ना कहीं इस जांच को प्रभावित करने के लिए, दोषियों को बचाने के लिए, इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोदियाल से पूछना चाहता हूँ कि जब वह बद्रीनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष थे, तो क्या उन्हें सारे काम के निर्देश राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से मिलते थे?
इस दौरान पत्रकार वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी एवं मीडिया संपर्क संयोजक हरीश चमोली भी मौजूद थे।
कहा, मंदिर चंदा चोरी में जो कोई भी लिप्त होगा, उसको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं
श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत दिवेदी ने जोर देते हुए कहा कि मंदिर में चंदा चोरी के जघन्य अपराध में जो भी कोई लिप्त होगा, उसको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं और इस प्रकरण में उन्होंने स्पष्ट कहा भी है कि कोई भी दोषी होगा, उसको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मैं स्वयं इस बात के लिए प्रतिबद्ध हूँ कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी अलग होकर सबके सामने आना चाहिए।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने गोदियाल पर लगाया मंदिर समिति के धन का दुरुपयोग करने का आरोप
द्विवेदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि गोदियाल ने अपने उस 5 साल के कार्यकाल में अधीनस्थ मंदिरों में, धर्मशालाओं में—27 धर्मशालाएं हैं हमारी, 7 हमारे संस्कृत विद्यालय हैं—उन पर कहीं पर भी उन्होंने 1 भी खर्च नहीं किया। लाखों-करोड़ों रुपया बाहर खर्च किया। इससे भी ज्यादा देखिए कि मंदिर समिति का जो जो बजट था, उसमें साफ एक्ट में प्रावधान है, क्योंकि मंदिर की आय का स्रोत दान के पैसों से, जो दानदाता हैं, उन दानदाताओं से ही मंदिर का खर्चा चलता है। लेकिन उन्होंने सारे एक्ट को, सारे नियम-कानूनों को धता बताते हुए, अपनी विधानसभा क्षेत्र के अंदर पैसा लगाया, उन्होंने जो उनका कॉलेज है वहाँ पर, उस कॉलेज के अंदर पैसा लगाया। उन्होंने मंदिर समिति के धन का दुरुपयोग किया। वह चोरी की बात कर रहे हैं, चंदा चोरी? उन्होंने तो डकैती मचाई। उस चंदा डकैत ने जैसे विवेकाधीन कोष से पैसा बांटा जाता है, उन्होंने कई लोगों को अपनी विधानसभा के अंदर 25,000, 50,000, 1 लाख, 2 लाख, 5 लाख दिया। उन्होंने ऐसा पैसा लुटाया है और आज वह यह दुहाई देते हैं कि चंदा चोरी! चंदा चोरी!
कहा – बद्रीनाथ मंदिर में चंदा चोरी की घटना सामने आते ही की गई कठोर कार्रवाई
श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत दिवेदी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम मंदिर में चंदा चोरी की घटना हमारे संज्ञान में आई, तत्काल कठोर कार्रवाई करते हुए शो-कॉज नोटिस जारी किए, जांच समिति बना दी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल उन्होंने इसकी गंभीरता को देखते हुए इस पर। इसका संज्ञान लिया और उसके बाद उन्होंने इस पर उच्च स्तरीय कमेटी बना दी और जांच आज भी गतिमान है। लगातार उसमें जो है कि जो भी इसमें संलिप्त होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो रही है, वह जेल जा रहे हैं। लेकिन वह किस तरह से इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं और किस तरह से लोगों को वह दिग्भ्रमित कर रहे हैं?फिलहाल जांच होने दीजिए, जांच आने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

