भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बोले – शुक्र है चुनाव दूर, अन्यथा दौरा रद्द होने का दोष भी राहुल गांधी भाजपा पर मढ़ते , मौसम की खराबी ने रख ली कांग्रेस नेता की लाज
कहा – राहुल गांधी का दौरा था औपचारिक, पहाड़ नहीं तो देहरादून और मैदान में तो कार्यकर्ताओं की सुनते , पूर्व सैनिकों में थी जबरदस्त नाराजगी,
पद आकांक्षी कांग्रेसियों के अलावा किसी को भी नहीं था राहुल गांधी का इंतजार
देहरादून । भाजपा ने कटाक्ष किया कि मौसम की खराबी से दौरा रद्द होना मजबूरी हो सकता है,
लेकिन जहां मौसम सही था वहां लोगों से बात करने क्यों नहीं रुके राहुल गांधी? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने व्यंग कसा कि शुक्र है, चुनाव में अभी समय है अन्यथा हेलीकॉप्टर नही उड़ने का दोष भी भाजपा पर मढ़ दिया जाता। वो बात और है कि पद आकांक्षी कांग्रेसियों के अलावा किसी को भी राहुल गांधी का इंतजार नहीं था। वहीं कांग्रेसी युवराज की प्रतिक्रिया भी यही बताती है कि उन्हें आम लोगों से नहीं मिलने से अधिक दुख दीपक कुमार के जिम नहीं जाने का हुआ।उन्होंने कहा कि मौसम को देखते राहुल गांधी ने अल्मोड़ा और पौड़ी का दौरा रद्द किया हैं। सुरक्षा की दृष्टि से तो यह उचित कदम है। लेकिन एक सच ये भी है कि कांग्रेस और राहुल गांधी स्थानीय जनता में अपनी राजनैतिक जमीन को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। देवभूमि की जनता उनके सनातन विरोधी बयानों से नाराज है और वीरभूमि के पूर्व सैनिकों में भी सेना के अपमान, खासकर पौड़ी के स्वर्गीय जनरल रावत को गुंडा बताने से बहुत रोष है। उन्हें एहसास हो गया था कि पौड़ी और अल्मोड़ा में उनके दौरे को लेकर जनता में कोई उत्साह नहीं है, विशेषकर पूर्व सैनिकों में। शायद एक बड़ी वजह ये भी है कि वे पहाड़ पर मौसम खराब होने की आड़ में शेष दौरा भी छोड़ कर भागने की फिराक में थे। यदि ऊपर नहीं जा पाते तो मैदान में ही जनता से बात करते और अगले दिन देहरादून में कार्यकर्ताओं से संवाद करते। लेकिन सभी जानते हैं कि कांग्रेसी युवराज के लिए अन्य दौरों की तरह ये भी एक औपचारिकता थी। जिससे मौसम की खराबी का मौका ताड़ कर वे तत्काल पलायन कर गए। साथ ही तंज कसा कि भाजपा को तो शुक्र है कि चुनाव पास नहीं हैं अन्यथा इस सबके लिए वे सरकार को ही जिम्मेदार ठहराते । जैसा पूर्व में कई चुनावों के दौरान कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता कर चुके हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, यूं तो देवभूमि अपने संस्कारों के अनुसार आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत करता है, लेकिन ऐसा कोई कारण भी नहीं था कि उत्तराखंड के लोग राहुल गांधी का इतजार करें। वो दौरा रद्द होने के बाद आज कह रहे हैं कि राज्यवासियों के सुख दुख, राज्य के आर्थिक सामाजिक और भविष्य के विषयों पर चर्चा की बात कर रहे हैं। जबकि सच यह कि उन्होंने कोई भी मौका देवभूमि की छवि खराब करने और सनातन के अपमान का नहीं छोड़ा।

