दून बुक फेस्टिवल के दूसरे दिन गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी के गीतों पर देर रात तक झूमे दर्शक
देहरादून।दून बुक फेस्टिवल के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा लोकगीतों व लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी गयी। नेगी द्वारा कार्यक्रम की शुरूआत ‘‘धरती हमरा गढ़वाल की’’ गीत गाकर देवभूमि की अद्भुत प्राकृतिक व सांस्कृतिक छटा को दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। सौंदर्य प्रधान गीत ‘‘फ्योंलि बोलू कि बुरांश बोलू’’ गाकर जहां एक ओर उन्होंने युवा दिलों की धड़कने बढ़ाई, वहीं ‘‘पहाड़ी-पहाड़ी मत बोलो, मैं देरादूण वाला हूं’’ गाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ‘‘डांडूं क्या फूल फुलला‘‘ और ‘‘गीत लाणा तांदि’’ जैसे गीतों पर लोकनृत्यों की प्रस्तुति देखकर उनके प्रशंसक थिरकते रहे।
उनके साथ जाने माने लोकगायक अनिल बिष्ट द्वारा भी गीत प्रस्तुतियां दी गयीं। उन्होंने ‘‘चैता की चैत्वाली’’ गाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
उनके साथ जाने माने लोकगायक अनिल बिष्ट द्वारा भी गीत प्रस्तुतियां दी गयीं। उन्होंने ‘‘चैता की चैत्वाली’’ गाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

