नए प्रावधानों से दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा का मूल स्वरूप कर दिया गया समाप्त : आलोक शर्मा
कहा – मोदी सरकार ने गरीबों से छीना काम का अधिकार
देहरादून। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को खत्म करने का गंभीर आरोप लगाया।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में बुधवार को कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सुधार के नाम पर लोकसभा में पास किए गए नए प्रावधानों से दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा का मूल स्वरूप समाप्त कर दिया गया है। यह महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज, काम की गरिमा और गरीबों के काम के अधिकार पर सीधा हमला है।
मनरेगा को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर करने का भी लगाया आरोप। नेताओं ने कहा कि वर्ष 2014 से मोदी सरकार लगातार मनरेगा को कमजोर कर रही है। बजट कटौती, राज्यों को फंड रोकना, जॉब कार्ड निरस्त करना और आधार आधारित भुगतान लागू कर करोड़ों मजदूरों को योजना से बाहर किया गया। नतीजतन बीते वर्षों में मजदूरों को औसतन 50–55 दिन से अधिक काम नहीं मिल पा रहा।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अब मनरेगा का 40 प्रतिशत खर्च राज्यों पर डालना चाहती है, जबकि नियम, नियंत्रण और श्रेय केंद्र अपने पास रखेगा। इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताते हुए इसे “आर्थिक धोखाधड़ी” करार दिया गया।
प्रेस वार्ता में कहा गया कि मनरेगा, जो संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़े अधिकार के रूप में थी, अब केंद्र-नियंत्रित सशर्त योजना बनती जा रही है। डिमांड आधारित रोजगार व्यवस्था को खत्म कर सीमित आवंटन प्रणाली लाई जा रही है।
नेशनल हेराल्ड मामले में मोदी सरकार पर साधा निशाना
देहरादून। कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के फैसले को मोदी-शाह की बदले की राजनीति की हार बताया। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को राजनीतिक दुर्भावना से निशाना बनाया गया, जिसे न्यायपालिका ने खारिज कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय और अन्य जांच एजेंसियों का दुरुपयोग राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए किया गया। कांग्रेस ने साफ किया कि मनरेगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ पार्टी सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।

