उत्तराखंडदेहरादून

उत्तराखंड को पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों में टॉप अचीवर्स पुरस्कार, महेंद्र भट्ट ने जताई खुशी

नीतिगत पारदर्शिता और अनुकूल उद्योग वातावरण से बढ़ा निवेशकों मे विश्वास

देहरादून। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने राज्य को पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों में टॉप अचीवर्स अवार्ड मिलने को राज्य के लिए गौरव का विषय और सुखद बताते हुए कहा कि यह पुरस्कार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन पर मुहर है। उन्होंने कहा कि नीतिगत पारदर्शिता और अनुकूल उद्योग वातावरण से निवेशकों मे विश्वास बढ़ा है और यह राज्य मे विकास के लिए पंख लगने जैसे कदम होगा।

भट्ट  ने कहा कि उत्तराखण्ड को व्यापार सुधार कार्य योजना के अंतर्गत पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों में टॉप अचीवर्स पुरस्कार से सम्मान असाधारण है और यह देश में किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्राप्त सर्वाेच्च संख्या है।मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित उद्योग समागम 2025 में व्यापार सुधार कार्य योजना  के अंतर्गत उत्तराखंड के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हुए राज्य ने यह उपलबद्धि हासिल की है। उत्तराखंड को देश में व्यवसाय प्रवेश, निर्माण परमिट सक्षमकर्ता, पर्यावरण पंजीकरण, निवेश सक्षमकर्ता एवं श्रम विनियमन सक्षमकर्ता जैसे पाँच सुधार क्षेत्रों में सर्वाेच्य उपलब्धि प्राप्त करने वाला राज्य माना गया है। यह उत्तराखंड की व्यवसाय सुगमता यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 2015 में 23वें स्थान राज्य को हासिल हुआ।

भाजपा अध्यक्ष भट्ट  ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन एवं सतत पर्यवेक्षण में पांच सुधार क्षेत्रों में शीर्ष उपलब्धि प्राप्त करने वालों के रूप में मान्यता प्राप्त होना और राष्ट्रीय स्तर पर सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त करना उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है। जो 2015 में 23वें स्थान से लेकर आज राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करना, पारदर्शिता, दक्षता और निवेशक केंद्रितता में हमारी प्रगति को दर्शाता है।

भट्ट ने कहा कि राज्य ने आवेदन जमा करने और ऑनलाइन भुगतान से लेकर रीयल टाइम ट्रैकिंग, अंतिम मंजूरी, नवीनीकरण और प्रोत्साहन वितरण तक, संपूर्ण अनुमोदन जीवनचक्र को कवर करने वाली प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के माध्यम से अपने व्यवसाय सुविधा पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है। राज्य में वर्तमान में 20 से अधिक विभागों में 200 से अधिक सेवाएं सिंगल खिड़की प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन प्रदान की जाती हैं, जिससे भौतिक संपर्क बिंदुओं में उल्लेखनीय कमी आई है और पारदर्शिता बढ़ी है। राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विकास प्राधिकरण, वन, सिंचाई, जल संस्थान और विद्युत जैसे प्रमुख विभाग इस प्रणाली में एकीकृत है।

राज्य में व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान देने जैसे फैसले तथा सतत और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी उजागर किया है। इसका उद्देश्य न केवल निवेश में तेजी लाना है, बल्कि समान रूप से विकास की गति को निरंतर बनाये रखना है।

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