नगर निगम देहरादून तेज गति से कर रहा स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, पिछले 45 दिन में 2000 नई लाइटें लगाई गई : नगर आयुक्त नमामि बंसल
दीपावली तक नगर निगम ने विद्युत अनुभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश पर लगाई रोक
देहरादून। नगर निगम देहरादून की ओर से त्योहारों एवं जन सुरक्षा के दृष्टिगत पथ प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ किए जाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं । बारिश के कारण , प्रत्येक वर्ष अधिक मात्रा में लाईटें खराब होती है , जिनकी मरम्मत पूर्व के वर्षों में अत्यधिक 26 टीमों द्वारा की जाती थी, जो वर्तमान में 40 टीमों के माध्यम से कराई जा रही है । नगर निगम के प्रयासों से स्ट्रीट लाइट्स की शिकायतें जो 20 दिन पहले 350 से अधिक थी , आज 70 के करीब हैं , जिन्हें आगामी 3 दिनों में सही करने के निर्देश नगर आयुक्त नमामि बंसल ने दिए हैं । इस वर्ष नगर निगम द्वारा पुरानी लाइटों को रिपेयर करने के साथ ही 2000 से अधिक नई लाइट विगत 1.5 माह में लगाई गई हैं । इसके अतिरिक्त दीपावली तक विद्युत अनुभाग के सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है ।
निगम क्षेत्रांतर्गत कई स्थानों पर लाइट्स नगर निगम से इतर अन्य संस्थानों
एमडीडीए, राष्ट्रीय राजमार्ग और मंडी परिषद आदि द्वारा लगाई गई हैं ,जिनका रख रखाव भी संबंधित संस्थाओं द्वारा किया जाता है , हालांकि अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है ।
नगर निगम द्वारा नगर के मुख्य फ्लाईओवर बल्लूपुर, बल्लीवाला , आईएसबीटी आदि में स्थापित लाइटों को ठीक करने के लिए पुलिस विभाग से अनापत्ति प्राप्त की गई है, बीते दिवस बल्लूपुर फ्लाईओवर की लाइट्स को प्रातः 4-9 बजे के बीच ठीक कर दिया गया है ।
अमर उजाला में प्रकाशित समाचार दिनांक 6 oct में शहर के विभिन्न स्थानों पर 200 से अधिक लाइटें बंद होने का उल्लेख किया गया है , जिसकी स्थलीय जांच कराई गई , तथा मौके पर अधिकतर लाइट्स जलती हुई पाई गई , संभवतः कुछ स्थानों पर बिजली की आपूर्ति बाधित रही होगी चुकी वर्तमान में बिजली विभाग द्वारा कई स्थानों पर अपने विभागीय कार्यों हेतु shut down लिया जा रहा है जिस कारण वहां लाइटें बंद थी । निरंजनपुर मंडी से शिमला बाय पास मार्ग पर नगर निगम द्वारा स्थापित टाइमर सीवर लाइन डालते समय क्षतिग्रस्त हो गया है , जिस कारण मौके पर लगभग 25 लाइटें बंद है , जिससे 2 दिन के भीतर ठीक कर दिया जाएगा , तथा अन्य 35 लाइटों को भी आज ठीक कर दिया गया है । मीडिया के साथियों से अनुरोध है के समाचार प्रकाशित करने से पूर्व लाइट अनुभाग के सक्षम अधिकारियों से वार्ता जरूर कर ले जिससे लाइटें बंद होने का स्पष्ट कारण पता लगाया जा सके ।

