उत्तराखंडचमोली

विधानसभा, लोकसभा, निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव में मिली हार की खीझ सदन के कामकाज पर उतार रहा विपक्ष- सीएम धामी

कहा – सदन में हंगामा विपक्ष की हताशा का परिचायक,
 भराड़ीसैंण हम सबकी भावनाओं का केंद्र,सरकार ने मानसून के दौरान भी भराड़ीसैंण में सत्र आहूत करने का निर्णय लिया
गैरसैंण।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी विधायकों के सदन में किए गए हंगामे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि विपक्ष विधानसभा, लोकसभा, निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव में मिली हार की खीझ सदन के कामकाज पर उतार रहा है। मंगलवार को विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दिन की कार्यवाही में जिस तरह से विपक्ष के विधायकों ने व्यवधान डाला वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।सीएम ने कहा कि भराड़ीसैंण हम सबकी भावनाओं का केंद्र है, इसलिए सरकार ने मानसून के दौरान भी भराड़ीसैंण में सत्र आहूत करने का निर्णय लिया। तमाम विधायक और अधिकारी, सड़क मार्ग बंद होने की परेशानी उठाते हुए भी, यहां पहुंचे हैं। इसलिए सरकार चाहती है कि हर मुद्दे पर बहस हो, लेकिन विपक्ष ने कानून व्यवस्था पर चर्चा की आड़ में खुद ही सदन के अंदर व्यवस्था तोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पंचायत चुनावों में मिली हार की खीझ सदन के कामकाज पर उतार रहा है। सीएम धामी ने कहा कि पंचायत चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष हुए हैं, जहां कानून व्यवस्था संबंधित कुछ दिक्कतें आई, वहां सरकार ने तत्काल एक्शन भी लिया है। यदि चुनाव निष्पक्ष नहीं होते तो देहरादून और नेता विपक्ष यशपाल आर्य के विधानसभा क्षेत्र
बाजपुर में कांग्रेस को जीत कैसे मिली। इसी तरह नैनीताल में भी अध्यक्ष भाजपा और उपाध्यक्ष कांग्रेस का जीता है, इससे साफ है कि चुनाव पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि, विपक्ष देशभर में जहां जहां चुनाव हारता है, वहां इसी तरह कभी ईवीएम, चुनाव आयोग, सरकार से लेकर प्रशासन पर अनाप शनाप आरोप लगाता है। इसी भावना के तहत विपक्ष ने मंगलवार को मेज तोड़ने के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष के सामने कागज के पुतले फेंकने का काम किया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. सीएम ने कहा कि सरकार मौजूदा सत्र में अनूपुरक बजट के साथ ही कई अहम विधेयक पेश करने जा रही है। सभी अल्पसंख्यक वर्गों के शिक्षण संस्थानों को लाभ देने के लिए सरकार उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान विधेयक, 2025, ला रही है। इससे जहां अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी, वहीं कामकाज में भी पारदर्शिता आएगी। विपक्ष इस पर चर्चा में भाग लेकर अपने सुझाव दे सकता है, जिसे सरकार स्वीकार करने को तैयार है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आई आपदा के दौरान भी सरकार ने ग्राउंड जीरो पर रहते हुए, राहत एवं बचाव अभियान चलाया। सरकार धराली सहित सभी क्षेत्रों के लिए राहत पैकेज की तैयारी कर रही है, लेकिन विपक्ष इस पर भी सिर्फ नकारात्मकता ही देख रहा है।

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