दिल्ली से सीएम हैल्प लाईन 1905 की वर्चुअल समीक्षा – मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा, लापरवाह अधिकारियों को जारी करें नोटिस
कहा -सीएम हेल्पलाइन 1905 पर समस्याओं का समय से हो निवारण
लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए
नई दिल्ली / देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की बैठक लेकर अधिकारियों को लंबित समस्याओं के समाधान में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न शिकायतकर्ताओं से बातचीत कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में उनके द्वारा दर्ज शिकायतों पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली।
जिलाधिकारियों को शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लेने और उन पर सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
यह सुनिश्चित किया जाए कि जनता मिलन और तहसील दिवस का आयोजन नियमित रूप से किया जाए और इन दिनों दर्ज होने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए।साथ ही राज्य सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपदों में विभिन्न बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन करने के निर्देश दिए। ताकि आम जनता को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।सीएम ने कहा कि जनता की हर समस्या का शीघ्र समाधान हो और उनके जीवन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली जनसमस्याओं के प्रति गंभीरता ना दिखाने वाले अफसरों पर मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं। कहा है कि सीएम हेल्पलाइन 1905 में समय पर समस्याओं का निवारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। जिन अधिकारियों के स्तर पर अधिक शिकायतें लंबित हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और लापरवाही बरते जाने की स्थिति में सख्त कार्रवाई भी की जाए। सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि कार्मिकों की सेवानिवृत्ति के बाद एक माह के अन्दर उनके सभी देयकों का भुगतान हो जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री ने बुधवार को नई दिल्ली से सीएम हेल्पलाइन 1905 की वर्चुअल समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिये।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन मानस की है। जन समस्याओं का त्वरित समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। राजस्व विभाग, वन विभाग और शिक्षा विभाग में जन शिकायतों के समाधान में हो रही लेट लतीफी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अधिक समय तक लंबित प्रकरणों के मामले में संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लिया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि राजस्व विभाग से संबंधित सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जिन क्षेत्रों में अधिक शिकायते प्राप्त हो रही हैं, उसका कारण जानने के साथ ही उचित समाधान के लिए आगे की योजना बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि सभी सुनिश्चित करें कि जिन समस्याओं का समाधान जिस स्तर पर हो सकता है, वहीं समाधान किया जाए। अनावश्यक रूप से शिकायत उच्च स्तर पर आने पर उन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए, जो अपने स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव एल.फैनई, आर.मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी दीपम सेठ, कई सचिव, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर.सी अजय मिश्रा , संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

