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भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सीएम तीरथ रावत ने कहा -जातिवादी राजनीति की कोशिश देवभूमिवासियों के साथ प्रदेश कांग्रेस का विश्वासघात

राहुल गांधी  के सच की गूंज के लिए, प्रदेश कांग्रेस देवभूमिवासियों को झूठा साबित करने पर तुली : भाजपा
देहरादून । भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत ने जातिवादी राजनीति की कोशिशों को देवभूमिवासियों के साथ प्रदेश कांग्रेस का विश्वासघात बताया है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को सच्चा साबित करने के लिए उत्तराखंड को झूठा साबित करने पर तुले हैं। उन्होंने इसे राज्य का माहौल और छवि खराब करने की गंभीर साजिश बताते हुए कठोर शब्दों में निंदा कर सभी से सद्भाव की अपील की है।
उन्होंने बयान जारी कर कहा कि, विगत कई सप्ताह से उत्तराखंड के स्वभाव के विपरीत राज्य के माहौल को जातिवादी स्वरूप देने की कोशिशों की सख्त आलोचना की है। हैरानी जताते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को क्या हो गया है? क्या उनके लिए सत्ता हासिल करना देवभूमि की समरसता से अधिक हो गया है? जो तथाकथित प्रकरण हुआ ही नहीं क्यों उसपर झूठ फैला रहे हैं? क्यों वे राहुल और खड़गे को राज्य की छवि खराब करने से रोकते नहीं हैं ? क्या उनके लिए राहुल गांधी की जातिवादी और विभाजनकारी राजनीति, प्रदेशवासियों से अधिक महत्वपूर्ण है? उन्होंने कहा, में जनता हूं इन तमाम सवालों के जवाब कांग्रेस नहीं दे सकती। लेकिन प्रदेश की देवतुल्य जनता ऐसी नकारात्मक कोशिशों का करारा ज़बाब 27 के विधानसभा चुनावों में देगी।
इसी क्रम में हल्द्वानी प्रकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा दलित सम्मान के नाम पर की जा रही राजनीति पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि दूसरों को दलित सम्मान का पाठ पढ़ाने से पहले अपने इतिहास, अपने नेताओं और कांग्रेस शासित राज्यों में दलितों से जुड़े मामलों का जवाब देना चाहिए। उत्तराखंड की भाजपा सरकार प्रत्येक नागरिक के सम्मान, समान अधिकार और कानून के निष्पक्ष शासन के लिए प्रतिबद्ध है। हल्द्वानी प्रकरण में भी सरकार का स्पष्ट रुख है कि किसी भी व्यक्ति की सामाजिक गरिमा से समझौता नहीं होना चाहिए और किसी भी शिकायत पर तथ्यों, जांच तथा संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि वे वास्तव में दलित सम्मान को लेकर गंभीर हैं तो वे कांग्रेस के अपने नेताओं और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों से जुड़े उन मामलों पर भी जवाब दें।

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