भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की हल्द्वानी मामले को लेकर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस पर किया तीखा पलटवार – कहा – हल्द्वानी पर सियासत से पहले धमकी झेल रहे दलित युवाओं की चिंता करे कांग्रेस
कहा – दलित सम्मान पर राजनीति करने से पहले अपने रिकॉर्ड का हिसाब दे कांग्रेस
देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी मामले को लेकर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि वे 25 दिन का हिसाब मांग रहे हैं, लेकिन देश कांग्रेस से पूछ रहा है कि उसे वास्तव में न्याय और दलित सम्मान की चिंता है या फिर हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा को घेरने की राजनीति करनी है।
भट्ट ने कहा कि देवभूमि की सामाजिक संस्कृति और यहां की समरस परंपरा को समझे बिना छुआछूत जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक हथियार बनाना कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति का उदाहरण है। उत्तराखंड की जनता सामाजिक सौहार्द को कमजोर करने वाली ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को हल्द्वानी पर राजनीति करने से पहले यह भी बताना चाहिए कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उत्तराखंड की एक सामाजिक संस्था से जुड़े दलित युवाओं ने कथित धमकियों के चलते अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और एफआईआर दर्ज कराई। राजनीतिक बयानबाजी के बाद पैदा हुए माहौल में यदि किसी दलित युवा को अपनी सुरक्षा को लेकर भय महसूस होता है, तो यह भी उतना ही गंभीर विषय है। कानून का सहारा लेना उनके अधिकार और सुरक्षा से जुड़ा कदम है।|
उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस जिस तरह हल्द्वानी को लेकर राजनीतिक माहौल बनाने में जुटी हैं, वे यह भी बताएं कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कथित तौर पर धमकियों का सामना कर रहे उन दलित युवाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि कांग्रेस वास्तव में दलितों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर है तो उसे इन युवाओं की चिंता पर भी सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखना चाहिए। दलित सुरक्षा का मुद्दा कांग्रेस के लिए केवल भाषण और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं हो सकता।हल्द्वानी की घटना पर राजनीति करने से पहले कांग्रेस को अपने भीतर झांकना चाहिए, क्योंकि दलित सम्मान पर राजनीति करने वालों से अब जनता उनके अपने रिकॉर्ड का हिसाब मांग रही है।
कहा – दलित सम्मान किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं
महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट कहा कि दलित सम्मान किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। उत्तराखंड में कानून अपना काम करेगा और जो भी तथ्य जांच में सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी। कांग्रेस चाहे जितनी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ले, हल्द्वानी का सच राजनीतिक भाषणों से नहीं बदलेगा।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि कैमरे के सामने आंसू बहाने और राजनीतिक बयानबाजी करने से उसका पुराना रिकॉर्ड धुलने वाला नहीं है। उत्तराखंड की जनता अब कांग्रेस के भाषण नहीं, उसकी कथनी और करनी का हिसाब देख रही है ।
देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी मामले को लेकर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि वे 25 दिन का हिसाब मांग रहे हैं, लेकिन देश कांग्रेस से पूछ रहा है कि उसे वास्तव में न्याय और दलित सम्मान की चिंता है या फिर हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा को घेरने की राजनीति करनी है।
भट्ट ने कहा कि देवभूमि की सामाजिक संस्कृति और यहां की समरस परंपरा को समझे बिना छुआछूत जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक हथियार बनाना कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति का उदाहरण है। उत्तराखंड की जनता सामाजिक सौहार्द को कमजोर करने वाली ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को हल्द्वानी पर राजनीति करने से पहले यह भी बताना चाहिए कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उत्तराखंड की एक सामाजिक संस्था से जुड़े दलित युवाओं ने कथित धमकियों के चलते अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और एफआईआर दर्ज कराई। राजनीतिक बयानबाजी के बाद पैदा हुए माहौल में यदि किसी दलित युवा को अपनी सुरक्षा को लेकर भय महसूस होता है, तो यह भी उतना ही गंभीर विषय है। कानून का सहारा लेना उनके अधिकार और सुरक्षा से जुड़ा कदम है।|
उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस जिस तरह हल्द्वानी को लेकर राजनीतिक माहौल बनाने में जुटी हैं, वे यह भी बताएं कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कथित तौर पर धमकियों का सामना कर रहे उन दलित युवाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि कांग्रेस वास्तव में दलितों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर है तो उसे इन युवाओं की चिंता पर भी सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखना चाहिए। दलित सुरक्षा का मुद्दा कांग्रेस के लिए केवल भाषण और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं हो सकता।हल्द्वानी की घटना पर राजनीति करने से पहले कांग्रेस को अपने भीतर झांकना चाहिए, क्योंकि दलित सम्मान पर राजनीति करने वालों से अब जनता उनके अपने रिकॉर्ड का हिसाब मांग रही है।
कहा – दलित सम्मान किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं
महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट कहा कि दलित सम्मान किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। उत्तराखंड में कानून अपना काम करेगा और जो भी तथ्य जांच में सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी। कांग्रेस चाहे जितनी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ले, हल्द्वानी का सच राजनीतिक भाषणों से नहीं बदलेगा।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि कैमरे के सामने आंसू बहाने और राजनीतिक बयानबाजी करने से उसका पुराना रिकॉर्ड धुलने वाला नहीं है। उत्तराखंड की जनता अब कांग्रेस के भाषण नहीं, उसकी कथनी और करनी का हिसाब देख रही है ।

