राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष अजय कोठियाल ने कहा – धामी सरकार, अग्निवीरों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य को लेकर गंभीर एवं प्रतिबद्ध
कहा – अग्निवीर सेल का गठन, उत्तराखंड के लिए गौरवशाली और अन्य राज्यों के लिए मिसालें
देहरादून। भाजपा ने धामी कैबिनेट द्वारा मंजूर अग्निवीर सेल गठन के निर्णय को, उत्तराखंड के लिए खुशी और अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनने वाला बताया है। यह ऐतिहासिक निर्णय स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री धामी और सरकार, अग्निवीरों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य को लेकर पूर्णतया गंभीर एवं प्रतिबद्ध हैं।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल ( सेवानिवृत) अजय कोठियाल ने कहा, मख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सैनिकों से संबंधित उस महत्वपर्ण घोषणा को जमीन पर कामयाब बनाने के लिए कैबिनेट के माध्यम से एक ऐसा महत्वपूर्ण फैसला लिया है. जो आने वाले समय में न केवल उत्तराखंड के लिए खुशी और गर्व का विषय बनेगा, बल्कि देश के दूसरे राज्यों के लिए भी एक मिसाल बनेगा। यह ऐतिहासिक फैसला, प्रदेश के अग्निवीरों के पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य को लेकर एक अलग और समर्पित ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ के गठन की मंजूरी देता है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि इस सेल के गठन के साथ ही 6 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अग्निवीर रोजगार सेल के गठन का रास्ता साफ हो गया है। देश में अपने तरह की इस पहले अभिनव प्रयास की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, करीब डेढ़ महीने पहले, 17 जुलाई को कुआंवाला, देहरादून में यूथ फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ में मुख्यमंत्री धामी ने इस सेल के गठन की घोषणा की थी। चूंकि मुख्यमंत्री एक सैनिक के बेटे हैं इसलिए उन्होंने इसको लेकर पूरी गंभीरता कार्य किया। बहुत कम समय में कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब घोषणा जमीन पर उतरने जा रही है।
उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक सैनिक के पुत्र होने के नाते वे भारतीय सैन्य परंपराओं और सैनिकों के सम्मान को अच्छी तरह समझते हैं। इस निर्णय के माध्यम से आपने भारतीय सेना तथा उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए अग्निवीरों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यह निर्णय निश्चित रूप से उत्तराखंड के अग्निवीर युवाओं के लिए उम्मीद और विश्वास पैदा करने वाला है।इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सैनिकों की स्मृति में उनके पैतृक गांवों में मूर्तियां स्थापित करने का निर्णय का भी स्वागत किया है।उन्होंने कहा, हमारा प्रयास है कि सेना के प्रति युवाओं का भरोसा कायम रखना, सैनिकों का हौसला बढ़ाना और भारतीय सेना को मजबूत बनाने में योगदान देना। हमें पूरा विश्वास है कि उत्तराखंड से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बनेगी।
इस दौरान वार्ता में कैप्टन भगत राणा, हवलदार विनोद खंडूड़ी, कैप्टन मेहरवान भंडारी, कैप्टन रमेश कुमार, हवलदार अनूप, हवलदार वाई एस पंवार, हवलदार अजय पैन्यूली, कैप्टन नंद किशोर, कैप्टन गणेश जोशी, कैप्टेन वीरेंद्र सिंह, कैप्टन विष्णु दत्त शर्मा, समेत बड़ी संख्या में पार्टी पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
देहरादून। भाजपा ने धामी कैबिनेट द्वारा मंजूर अग्निवीर सेल गठन के निर्णय को, उत्तराखंड के लिए खुशी और अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनने वाला बताया है। यह ऐतिहासिक निर्णय स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री धामी और सरकार, अग्निवीरों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य को लेकर पूर्णतया गंभीर एवं प्रतिबद्ध हैं।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल ( सेवानिवृत) अजय कोठियाल ने कहा, मख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सैनिकों से संबंधित उस महत्वपर्ण घोषणा को जमीन पर कामयाब बनाने के लिए कैबिनेट के माध्यम से एक ऐसा महत्वपूर्ण फैसला लिया है. जो आने वाले समय में न केवल उत्तराखंड के लिए खुशी और गर्व का विषय बनेगा, बल्कि देश के दूसरे राज्यों के लिए भी एक मिसाल बनेगा। यह ऐतिहासिक फैसला, प्रदेश के अग्निवीरों के पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य को लेकर एक अलग और समर्पित ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ के गठन की मंजूरी देता है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि इस सेल के गठन के साथ ही 6 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अग्निवीर रोजगार सेल के गठन का रास्ता साफ हो गया है। देश में अपने तरह की इस पहले अभिनव प्रयास की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, करीब डेढ़ महीने पहले, 17 जुलाई को कुआंवाला, देहरादून में यूथ फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ में मुख्यमंत्री धामी ने इस सेल के गठन की घोषणा की थी। चूंकि मुख्यमंत्री एक सैनिक के बेटे हैं इसलिए उन्होंने इसको लेकर पूरी गंभीरता कार्य किया। बहुत कम समय में कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब घोषणा जमीन पर उतरने जा रही है।
उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक सैनिक के पुत्र होने के नाते वे भारतीय सैन्य परंपराओं और सैनिकों के सम्मान को अच्छी तरह समझते हैं। इस निर्णय के माध्यम से आपने भारतीय सेना तथा उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए अग्निवीरों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यह निर्णय निश्चित रूप से उत्तराखंड के अग्निवीर युवाओं के लिए उम्मीद और विश्वास पैदा करने वाला है।इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सैनिकों की स्मृति में उनके पैतृक गांवों में मूर्तियां स्थापित करने का निर्णय का भी स्वागत किया है।उन्होंने कहा, हमारा प्रयास है कि सेना के प्रति युवाओं का भरोसा कायम रखना, सैनिकों का हौसला बढ़ाना और भारतीय सेना को मजबूत बनाने में योगदान देना। हमें पूरा विश्वास है कि उत्तराखंड से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बनेगी।
इस दौरान वार्ता में कैप्टन भगत राणा, हवलदार विनोद खंडूड़ी, कैप्टन मेहरवान भंडारी, कैप्टन रमेश कुमार, हवलदार अनूप, हवलदार वाई एस पंवार, हवलदार अजय पैन्यूली, कैप्टन नंद किशोर, कैप्टन गणेश जोशी, कैप्टेन वीरेंद्र सिंह, कैप्टन विष्णु दत्त शर्मा, समेत बड़ी संख्या में पार्टी पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

