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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा – कांग्रेस के महंगे बिजली करार के जवाब में धामी सरकार ने किया सस्ती बिजली का इंतजाम

कांग्रेस ने 11.26 व भाजपा ने किया 5.74 रुपए प्रति यूनिट का करार,
थर्मल पावर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष आर्य को दिखाया आईंना,
ऊर्जा प्रदेश बनाने को चार साल में हुए ऐतिहासिक काम, हाइड्रो, स्माल हाइड्रो, सोलर, थर्मल, जियो थर्मल, पंप स्टोरेज पावर प्लांट से बढ़ेगा बिजली उत्पादन
देहरादून। अडाणी पावर के साथ 1320 मेगावाट थर्मल पावर के करार पर विपक्ष के उठाए सवालों पर भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को आईंना दिखाते हुए कांग्रेस सरकार में 2016 में हुए महंगे गैस पावर सौदे की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के करार के कारण आज गैस पावर का 11.26 रुपए प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना पड़ता है। इसमें कई बार बिना बिजली का उत्पादन हुए भी फिक्स चार्ज का करोड़ों का हर महीने अलग भुगतान करना होता है। वहीं भाजपा ने 5.74 रुपए प्रति यूनिट का थर्मल पावर का करार अगले 25 साल के लिए किया है।
महेंद्र भट्ट कहा कि कांग्रेस राज में पावर सेक्टर में सिर्फ लूट हुई, जबकि धामी सरकार में 25 साल के लिए न सिर्फ सस्ती बिजली का इंतजाम हुआ, बल्कि उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश बनाने को असल मायनों में काम हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में काशीपुर के गैस पावर प्लांटों से 11.26 रुपए प्रति यूनिट की दर से महंगी बिजली का करार हुआ, जो आज तक राज्य के लिए मुसीबत बना हुआ है। बाजार में गैस के दाम महंगे होने पर इन पावर प्लांट को चलाना मुश्किल होता है। इसके बावजूद उन्हें हर महीने फिक्स चार्ज का करोड़ों का भुगतान करना होता है। कांग्रेस के करार के कारण आज राज्य को 11.26 रुपए प्रति यूनिट की दर से करार किया, वहीं भाजपा की धामी सरकार ने सबसे विश्वसनीय मानी जानी वाली थर्मल पावर का करार सिर्फ 5.74 रुपए प्रति यूनिट में किया। इसमें यदि ट्रांसमिशन चार्ज भी जोड़ दिए जाएं, तो भी ये कीमत छह रुपए से अधिक नहीं है। सरकार के इस कदम से उत्तराखंड ने अपनी भविष्य की बिजली जरूरतों को भी सुरक्षित किया है। ये करार अभी तक देश में हुए थर्मल पावर के सभी करारों में सबसे सस्ता करार है।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपनी जानकारी दुरुस्त करनी चाहिए। अडानी पावर को फ्री में कोल ब्लॉक नहीं मिला है। केंद्र सरकार के उत्तराखंड को आवंटित कोल ब्लॉक का इस्तेमाल बिजली उत्पादन में होगा। केंद्र सरकार को इस कोल ब्लॉक का भुगतान होगा। इससे पैदा होने वाली बिजली उत्तराखंड को सस्ती दरों पर मिलेगी। यदि यह पावर प्लांट उत्तराखंड में लगाया जाता तो छत्तीसगढ़ से कोयला उत्तराखंड लाने में कोयला परिवहन  का खर्चा बढ़ जाता ।धामी सरकार ने स्मार्ट निर्णय लिया और सस्ती बिजली का इंतजाम किया।
भट्ट ने कहा कि मानसून, आपदा के दौरान सोलर और हाइड्रो से बिजली उत्पादन प्रभावित होता है। युद्ध के समय गैस विदेशों से आना बंद हो जाती है। उस दौरान गैस महंगी होने के कारण गैस पावर चल नहीं पाते। ऐसे में थर्मल पावर को सबसे विश्वसनीय बिजली माना जाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी सरकार के समय की बिजली कटौती याद रखनी चाहिए। किस तरह 10 घंटे से अधिक बिजली कटौती होती थी। आज धामी सरकार में 24 घंटे बिजली की सप्लाई हो रही है। किसानों को सस्ती बिजली मिल रही है।

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