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चौधरी फॉर्म में आयोजित हुआ भव्य और दिव्य रक्षाबंधन समारोह , मुख्यमंत्री पुष्कर धामी हुए शामिल, वरिष्ठ भाजपा नेता जोगिंदर पुंडीर के बुलावे पर कैंट विधानसभा क्षेत्र से कार्यक्रम में हजारों की संख्या में पहुंची महिलाएं , बांधा रक्षा सूत्र

रक्षाबंधन पर मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का सीएम ने दोहराया संकल्प,
 मातृशक्ति से मिल रहा स्नेह और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति : सीएम
रक्षाबंधन पर 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की सौगात,
महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का मुख्यमंत्री ने किया उल्लेख,
प्रदेश की करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर बढ़ा रहीं आत्मनिर्भरता की ओर कदम,
3 लाख से अधिक बहनें बनीं लखपति दीदी, सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण
देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में  प्रतिभाग कर प्रदेश की मातृशक्ति के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में वरिष्ठ भाजपा नेता जोगिंदर सिंह पुंडीर की ओर से आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में कैंट विधानसभा क्षेत्र से हजारों की संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी व जोगिंदर सिंह पुंडीर
को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से संवाद करते हुए रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उत्तराखंड की समस्त माताओं और बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि यह पवित्र पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियों की नई सौगात लेकर आए। उन्होंने कहा कि आज बहनों के बीच पहुंचकर उन्हें ऐसा अनुभव हो रहा है, जैसे कोई भाई अपने घर-परिवार के बीच पहुंचा हो। मातृशक्ति से मिल रहा स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यही उन्हें उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह अटूट स्नेह, विश्वास, समर्पण और सुरक्षा के उस पवित्र संकल्प का पर्व है, जिसे भाई अपनी बहन के प्रति जीवनभर निभाने का प्रयास करता है। यह पर्व हमें यह भी सिखाता है कि रिश्ते केवल अधिकारों से नहीं, बल्कि कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन से मजबूत होते हैं। भाई का बहन के प्रति स्नेह एवं सुरक्षा का संकल्प और बहन का भाई के प्रति अटूट विश्वास—इन दोनों पवित्र भावनाओं को रक्षाबंधन और अधिक मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन हमें नारी सम्मान के महत्व का भी स्मरण कराता है। नारी का सम्मान केवल हमारा कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कार का आधार है। नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और संस्कृति की भी मूल शक्ति है। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। जब महिला सशक्त होती है तो उसका लाभ केवल परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज और राष्ट्र आगे बढ़ता है। आज महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर देश की सीमाओं तक, घर-परिवार से लेकर उद्योग और व्यवसाय तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। अब महिलाएं केवल सहभागिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि जब देवभूमि उत्तराखंड की मातृशक्ति की बात आती है तो उनका सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। पहाड़ की महिलाओं ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया है और परिवार, समाज तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।चौधरी फार्म, जीएमएस रोड में आयोजित कार्यक्रम में आयोजक , वरिष्ठ भाजपा नेता व प्रदेश अध्यक्ष क्रीड़ा भारती उत्तराखंड जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड  आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, उपेंद्र अंथवाल, मंसूर खान
,अन्य जनप्रतिनिधि , कैंट विधानसभा क्षेत्र व प्रदेशभर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं उपस्थित रहीं।
34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसका बेटा या बेटी पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा हो जाए, रोजगार प्राप्त करे और अपने परिवार का सहारा बने। इसके विपरीत बच्चे के पढ़-लिखने के बाद भी रोजगार के लिए भटकना मां के लिए सबसे बड़ा दर्द होता है। सरकार ने इसी पीड़ा को समझते हुए अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल रोजगार देने की बात नहीं की, बल्कि भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार भी किए हैं। नकल विरोधी कानून लागू किया गया, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई तथा योग्य युवाओं के साथ अन्याय रोकने के लिए कठोर व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। आज प्रदेश का युवा यह विश्वास कर सकता है कि उसकी मेहनत का परिणाम उसकी योग्यता तय करेगी, न कि किसी नकल माफिया या भ्रष्ट व्यवस्था का प्रभाव।
मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, एक भाई के रूप में आपके बीच आया हूं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के रक्षाबंधन समारोह में वे केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच उपस्थित हैं। उन्होंने मातृशक्ति से कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को कभी कोई परेशानी हो तो वह निःसंकोच अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनकी समस्या का संज्ञान लेकर उसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा और वे एक भाई होने के अपने दायित्व को निभाने का पूरा प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए बहनों का विश्वास और स्नेह सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है जहां बेटियां सुरक्षित हों, बहनें आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें और प्रदेश का युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हो। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने मातृशक्ति से आशीर्वाद, सहयोग और विश्वास की अपेक्षा की।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को निःशुल्क रोडवेज यात्रा की सौगात
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को विशेष सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा की घोषणा की। इस सुविधा से प्रदेश की महिलाएं रक्षाबंधन के अवसर पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए सुगमता से यात्रा कर सकेंगी। सरकार ने इस सुविधा के माध्यम से रक्षाबंधन के पर्व को मातृशक्ति के लिए और अधिक सुविधाजनक एवं आत्मीय बनाने का प्रयास किया है।
उत्तराखंड में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड सरकार भी मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।
इसी उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
रक्षाबंधन का पर्व प्रेम व अटूट विश्वास का प्रतीक : ने  पुंडीर 
वरिष्ठ भाजपा नेता व क्रीड़ा भारती उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष और रक्षाबंधन कार्यक्रम के आयोजन जोगिंदर सिंह पुंडीर ने हजारों की संख्या में मौजूद मातृशक्ति को सम्मानित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन का पूर्व भाई कलाई पर बहन द्वारा बांधा गया रक्षासूत्र केवल धागा नहीं बल्कि प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का संकल्प देना है। पुंडीर ने कहा कि हमारे देश में पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि सामजिक संदेश और संस्कारों के प्रतीक हैं। रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्यार और विश्वास का प्रतीक का पर्व है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व हमें संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य करें।पुंडीर ने कहा कि
रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह अटूट स्नेह, विश्वास, समर्पण और सुरक्षा के उस पवित्र संकल्प का पर्व है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि रक्षाबंधन पर बांधा जाने वाला रक्षा सूत्र केवल प्रेम और विश्वास का प्रतीक न रहे, बल्कि बहनों के लिए वास्तविक सुरक्षा का कवच भी बने। उन्होंने कहा कि बहनों के सुख-दुख में साथ खड़ा होना उनके लिए राजनीतिक दायित्व नहीं, बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन उनके लिए सबसे आत्मीय और भावनात्मक पर्व है।

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