केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सुलभ इंटरनेशनल की ‘स्वच्छता सेना’ तैनात, 412 पर्यावरण मित्र दिन-रात संभाल रहे मोर्चा
सबसे बड़ी चुनौती बने घोड़े-खच्चरों के जैविक अपशिष्ट को कट्टों में भरकर चिन्हित डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचा रहे पर्यावरण मित्र
गुप्तकाशी/रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा में जहां लाखों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है, वहीं यात्रा मार्ग को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सुलभ इंटरनेशनल ने अभूतपूर्व अभियान छेड़ दिया है। सीतापुर से लेकर केदारनाथ धाम तक 412 पर्यावरण मित्र चौबीसों घंटे सफाई व्यवस्था संभालते हुए “स्वच्छ यात्रा मिशन” को धरातल पर उतार रहे हैं।
कठिन पहाड़ी रास्तों, भारी भीड़ और लगातार बढ़ते यात्रा दबाव के बीच ये पर्यावरण मित्र यात्रा मार्ग पर फैले कूड़े-कचरे, प्लास्टिक और घोड़े-खच्चरों की लीद के निस्तारण में जुटे हैं। होटल, लॉज और दुकानों से निकलने वाले अपशिष्ट को भी व्यवस्थित ढंग से एकत्र कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
सबसे बड़ी चुनौती बने घोड़े-खच्चरों के जैविक अपशिष्ट को पर्यावरण मित्र कट्टों में भरकर चिन्हित डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचा रहे हैं। यात्रा का दबाव कम होने के बाद इस अपशिष्ट को सोनप्रयाग स्थित प्लांट तक ले जाकर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा। वहीं, प्लास्टिक और पॉलीथीन को अलग से एकत्रित कर कॉम्पैक्टर मशीन से बेलिंग कर रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जा रहा है।
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए काकड़ा से केदारनाथ तक 249 आधुनिक स्टील फ्रेम युक्त निःशुल्क शौचालय स्थापित किए गए हैं। इन सुविधा संपन्न शौचालयों के संचालन से हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिल रही है और खुले में गंदगी फैलने पर भी प्रभावी रोक लगी है।
सुलभ इंटरनेशनल के सहायक नियंत्रक एवं यात्रा प्रभारी धनंजय पाठक ने बताया कि संस्था का लक्ष्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि केदारनाथ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाना भी है। उन्होंने कहा कि सुलभ की टीमें लगातार निगरानी करते हुए यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए हैं, ताकि केदारनाथ धाम की यात्रा स्वच्छता और श्रद्धा का आदर्श बन सके।
गुप्तकाशी/रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा में जहां लाखों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है, वहीं यात्रा मार्ग को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सुलभ इंटरनेशनल ने अभूतपूर्व अभियान छेड़ दिया है। सीतापुर से लेकर केदारनाथ धाम तक 412 पर्यावरण मित्र चौबीसों घंटे सफाई व्यवस्था संभालते हुए “स्वच्छ यात्रा मिशन” को धरातल पर उतार रहे हैं।
कठिन पहाड़ी रास्तों, भारी भीड़ और लगातार बढ़ते यात्रा दबाव के बीच ये पर्यावरण मित्र यात्रा मार्ग पर फैले कूड़े-कचरे, प्लास्टिक और घोड़े-खच्चरों की लीद के निस्तारण में जुटे हैं। होटल, लॉज और दुकानों से निकलने वाले अपशिष्ट को भी व्यवस्थित ढंग से एकत्र कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
सबसे बड़ी चुनौती बने घोड़े-खच्चरों के जैविक अपशिष्ट को पर्यावरण मित्र कट्टों में भरकर चिन्हित डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचा रहे हैं। यात्रा का दबाव कम होने के बाद इस अपशिष्ट को सोनप्रयाग स्थित प्लांट तक ले जाकर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा। वहीं, प्लास्टिक और पॉलीथीन को अलग से एकत्रित कर कॉम्पैक्टर मशीन से बेलिंग कर रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जा रहा है।
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए काकड़ा से केदारनाथ तक 249 आधुनिक स्टील फ्रेम युक्त निःशुल्क शौचालय स्थापित किए गए हैं। इन सुविधा संपन्न शौचालयों के संचालन से हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिल रही है और खुले में गंदगी फैलने पर भी प्रभावी रोक लगी है।
सुलभ इंटरनेशनल के सहायक नियंत्रक एवं यात्रा प्रभारी धनंजय पाठक ने बताया कि संस्था का लक्ष्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि केदारनाथ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाना भी है। उन्होंने कहा कि सुलभ की टीमें लगातार निगरानी करते हुए यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए हैं, ताकि केदारनाथ धाम की यात्रा स्वच्छता और श्रद्धा का आदर्श बन सके।

