डीएम सविन बंसल का बड़ा एक्शन – बच्चों पर पिस्टल तानने वाले बिल्डर पुनीत अग्रवाल का शस्त्र लाइसेंस निरस्त ,जनपद से जिला बदर भी किया
रायपुर की एटीएस कॉलोनी में दीपावली पर पटाखा विवाद में लहराया था शस्त्र
देहरादून।एटीएस कॉलोनी में भय का माहौल बनाने वाले विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर जिला प्रशासन ने चौतरफा शिकंजा कस दिया है। लोक शांति और सार्वजनिक सुरक्षा को ताक पर रखकर नाबालिग बच्चों पर लाइसेंसी पिस्टल लहराने के मामले में जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। डीएम सविन बंसल ने आरोपी बिल्डर का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही, कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस बिल्डर को जनपद से जिला बदर भी कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को बिल्डर की .32 बोर एनपीबी पिस्टल को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
मामला रायपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आईटी पार्क के पास स्थित एटीएस कॉलोनी का है। विगत अक्टूबर 2025 में दीपावली के दिन कॉलोनी में पटाखे जलाने को लेकर कुछ बच्चों और स्थानीय लोगों से बिल्डर पुनीत अग्रवाल (पुत्र मदन मोहन अग्रवाल, निवासी 144 एल एटीएस कॉलोनी) का विवाद हो गया था। तैश में आकर बिल्डर ने अपने लाइसेंसी शस्त्र का सरेआम प्रदर्शन किया और बच्चों पर पिस्टल तान दी। इस घटना के बाद पूरी कॉलोनी में दहशत का माहौल बन गया था।
देहरादून।एटीएस कॉलोनी में भय का माहौल बनाने वाले विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर जिला प्रशासन ने चौतरफा शिकंजा कस दिया है। लोक शांति और सार्वजनिक सुरक्षा को ताक पर रखकर नाबालिग बच्चों पर लाइसेंसी पिस्टल लहराने के मामले में जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। डीएम सविन बंसल ने आरोपी बिल्डर का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही, कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस बिल्डर को जनपद से जिला बदर भी कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को बिल्डर की .32 बोर एनपीबी पिस्टल को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
मामला रायपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आईटी पार्क के पास स्थित एटीएस कॉलोनी का है। विगत अक्टूबर 2025 में दीपावली के दिन कॉलोनी में पटाखे जलाने को लेकर कुछ बच्चों और स्थानीय लोगों से बिल्डर पुनीत अग्रवाल (पुत्र मदन मोहन अग्रवाल, निवासी 144 एल एटीएस कॉलोनी) का विवाद हो गया था। तैश में आकर बिल्डर ने अपने लाइसेंसी शस्त्र का सरेआम प्रदर्शन किया और बच्चों पर पिस्टल तान दी। इस घटना के बाद पूरी कॉलोनी में दहशत का माहौल बन गया था।
स्वतः संज्ञान लेकर पहले किया था निलंबित, अब हुआ निरस्त
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने तत्काल स्वतः संज्ञान लिया था। शुरुआती कार्रवाई में शस्त्र को तुरंत जब्त कर लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था और निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जांच, पुलिस आख्या और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने पाया कि लाइसेंस धारक द्वारा शस्त्र शर्तों का घोर उल्लंघन किया गया है। न्यायालय के समक्ष आई पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी बिल्डर पुनीत अग्रवाल का यह कृत्य लापरवाही पूर्ण और आदतन है। उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में कुल पांच आपराधिक अभियोग पहले से पंजीकृत हैं। कलेक्ट्रेट के प्रभारी अधिकारी (शस्त्र) को शस्त्र पंजिका में लाइसेंस निरस्तीकरण दर्ज करने और एसएसपी देहरादून को अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने कहा कि जिले में कानून से खिलवाड़ किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी का नतीजा है कि एटीएस कॉलोनी में आतंक का पर्याय बने बिल्डर का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही उसे जिला बदर भी किया गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने तत्काल स्वतः संज्ञान लिया था। शुरुआती कार्रवाई में शस्त्र को तुरंत जब्त कर लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था और निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जांच, पुलिस आख्या और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने पाया कि लाइसेंस धारक द्वारा शस्त्र शर्तों का घोर उल्लंघन किया गया है। न्यायालय के समक्ष आई पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी बिल्डर पुनीत अग्रवाल का यह कृत्य लापरवाही पूर्ण और आदतन है। उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में कुल पांच आपराधिक अभियोग पहले से पंजीकृत हैं। कलेक्ट्रेट के प्रभारी अधिकारी (शस्त्र) को शस्त्र पंजिका में लाइसेंस निरस्तीकरण दर्ज करने और एसएसपी देहरादून को अनुपालन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने कहा कि जिले में कानून से खिलवाड़ किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी का नतीजा है कि एटीएस कॉलोनी में आतंक का पर्याय बने बिल्डर का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही उसे जिला बदर भी किया गया है।

