राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर जिला प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट,डीएम सविन बंसल ने दी चेतावनी – राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
पारदर्शिता के लिए समिति के सदस्य होंगे शामिल
देहरादून।राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की लंबित प्रक्रिया को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने एक बेहद सकारात्मक और बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में राज्य आंदोलनकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई इस बैठक में डीएम ने एक-एक आंदोलनकारी की समस्याओं और सुझावों को बारी-बारी से सुना और उनकी शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी उप जिलाधिकारियों (SDMs) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अपनी-अपनी तहसीलों में लंबित समस्त चिन्हीकरण प्रकरणों और सूचियों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए 07 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी विभाग ने तय समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट नहीं दी, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
चिन्हीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सहभागी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि इसमें संबंधित क्षेत्रीय आंदोलनकारी समिति के सदस्यों को भी शामिल किया जाए। इससे वास्तविक आंदोलनकारियों के मामलों का सही और निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया कि वे अपने स्तर पर लंबित मामलों से संबंधित आख्या एवं अभिलेख 07 दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, उर्मिला शर्मा, निर्मला बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना, जयप्रकाश उत्तराखंडी, योगेश भट्ट, ओपी उनियाल, देवी गोदियाल, डीएस गुंसाई और विवेकानंद खंडूड़ी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
देहरादून।राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की लंबित प्रक्रिया को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने एक बेहद सकारात्मक और बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में राज्य आंदोलनकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई इस बैठक में डीएम ने एक-एक आंदोलनकारी की समस्याओं और सुझावों को बारी-बारी से सुना और उनकी शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी उप जिलाधिकारियों (SDMs) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अपनी-अपनी तहसीलों में लंबित समस्त चिन्हीकरण प्रकरणों और सूचियों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए 07 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी विभाग ने तय समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट नहीं दी, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
चिन्हीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सहभागी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि इसमें संबंधित क्षेत्रीय आंदोलनकारी समिति के सदस्यों को भी शामिल किया जाए। इससे वास्तविक आंदोलनकारियों के मामलों का सही और निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया कि वे अपने स्तर पर लंबित मामलों से संबंधित आख्या एवं अभिलेख 07 दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, उर्मिला शर्मा, निर्मला बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना, जयप्रकाश उत्तराखंडी, योगेश भट्ट, ओपी उनियाल, देवी गोदियाल, डीएस गुंसाई और विवेकानंद खंडूड़ी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

