सीएम पुष्कर धामी ने पिथौरागढ़ में ‘कैलाश उत्सव-2026’ का किया भव्य शुभारंभ – 165 करोड़ की 45 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास
सीमांत विकास को मिलेगी नई गति
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने आज जनपद पिथौरागढ़ के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मण सिंह महर कैंपस में आयोजित भव्य ‘कैलाश उत्सव-2026’ का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की सहभागिता रही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनपद के समग्र विकास के लिए कुल ₹16520.56 लाख लागत की 45 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जनपदवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी।
अपने संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री ने “भारत माता की जय”, “हर-हर महादेव” तथा “गुरना मईया की जय” के उद्घोष के साथ की। उन्होंने कहा कि ‘कैलाश उत्सव’ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और सीमांत क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ के पावन धाम कैलाश के नाम से जुड़ा यह आयोजन संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिक सोच का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपनी जन्मभूमि और पिथौरागढ़ की युवा शक्ति के बीच आने पर विशेष आत्मीयता का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ की मिट्टी, संस्कार और यहां का वातावरण उनके जीवन की प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। उन्होंने छात्रसंघ एवं आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘वाइब्रेंट विलेज’ विजन के अनुरूप सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा पर्यटन विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने आज जनपद पिथौरागढ़ के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मण सिंह महर कैंपस में आयोजित भव्य ‘कैलाश उत्सव-2026’ का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की सहभागिता रही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनपद के समग्र विकास के लिए कुल ₹16520.56 लाख लागत की 45 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जनपदवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी।
अपने संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री ने “भारत माता की जय”, “हर-हर महादेव” तथा “गुरना मईया की जय” के उद्घोष के साथ की। उन्होंने कहा कि ‘कैलाश उत्सव’ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और सीमांत क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ के पावन धाम कैलाश के नाम से जुड़ा यह आयोजन संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिक सोच का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपनी जन्मभूमि और पिथौरागढ़ की युवा शक्ति के बीच आने पर विशेष आत्मीयता का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ की मिट्टी, संस्कार और यहां का वातावरण उनके जीवन की प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। उन्होंने छात्रसंघ एवं आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘वाइब्रेंट विलेज’ विजन के अनुरूप सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा पर्यटन विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ में लगभग ₹750 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज भविष्य में पूरे सीमांत क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा राज्य के मेडिकल छात्र-छात्राओं को उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा का अवसर प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के हित में कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में रोजगारपरक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने को आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। परिसर में स्थित जर्जर भू-विज्ञान भवन का ध्वस्तीकरण कराया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुरूप नए शैक्षणिक भवन एवं ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। साथ ही खेल मैदानों के विस्तारीकरण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से संबंधित कुल ₹16520.56 लाख लागत की 45 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें सड़क निर्माण, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, शैक्षिक अधोसंरचना विकास तथा अन्य जनकल्याणकारी परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के पूर्ण होने से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री , अध्यक्ष जिला पंचायत जितेंद्र प्रसाद, जिलाध्यक्ष भाजपा गिरीश जोशी, मेयर नगर निगम कल्पना देवलाल, जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, पूर्व छात्र संघ महासचिव गहराज पाण्डेय, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से संबंधित कुल ₹16520.56 लाख लागत की 45 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें सड़क निर्माण, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, शैक्षिक अधोसंरचना विकास तथा अन्य जनकल्याणकारी परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के पूर्ण होने से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री , अध्यक्ष जिला पंचायत जितेंद्र प्रसाद, जिलाध्यक्ष भाजपा गिरीश जोशी, मेयर नगर निगम कल्पना देवलाल, जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, पूर्व छात्र संघ महासचिव गहराज पाण्डेय, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

