उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने चंपावत एवं विकासनगर प्रकरणों का लिया संज्ञान,अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट की तलब , दिए जरूरी निर्देश
किसी भी बालिका के साथ होने वाला अपराध अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक : डॉ गीता खन्ना
देहरादून। उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जनपद चंपावत में नाबालिग किशोरी के साथ कथित गैंगरेप एवं उससे जुड़े गंभीर प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल विस्तृत आख्या तलब की है।
आयोग ने जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग को निर्देशित किया है कि मामले की निष्पक्ष, त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ जांच सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ित किशोरी की सुरक्षा, काउंसलिंग, चिकित्सीय सहायता एवं पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाए।
इसके अतिरिक्त आयोग ने विकासनगर में सामने आए दुष्कर्म के एक अन्य गंभीर प्रकरण का भी संज्ञान लिया है। इस संबंध में आयोग द्वारा पुलिस महानिदेशक को पत्र प्रेषित कर मामले में उपयुक्त एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने कहा है कि बच्चों एवं किशोरियों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर सख्त कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि किसी भी बालिका के साथ होने वाला अपराध अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि दोनों प्रकरणों में पॉक्सो अधिनियम एवं अन्य संबंधित धाराओं के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा जांच प्रक्रिया के दौरान पीड़ितों एवं उनके परिवारों की पहचान गोपनीय रखी जाए।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बच्चों की सुरक्षा एवं अधिकारों के संरक्षण हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है और दोनों मामलों की सतत निगरानी करेगा।

