नमामि गंगे योजना से निर्मित अखंड परम धाम गंगा घाट का सीएम धामी ने किया लोकार्पण, कहा – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली
स्वामी परमानन्द गिरि महाराज की 71वीं संन्यास जयंती के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ
हरिद्वार । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित श्री अखण्ड परमधाम गंगा घाट के लोकार्पण समारोह एवं स्वामी परमानन्द गिरि महाराज की 71वीं संन्यास जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देशभर से पधारे संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक घाट के लोकार्पण का अवसर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। उन्होंने स्वामी परमानन्द गिरि महाराज के जीवन को तप, त्याग और साधना का अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके विचारों एवं शिक्षाओं ने समाज को सेवा, करुणा और मानव कल्याण के मार्ग पर अग्रसर किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का सानिध्य समाज को सही दिशा प्रदान करता है और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत एवं जनसंख्या संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए आध्यात्मिक मूल्यों का सुदृढ़ होना आवश्यक है। उन्होंने सभी से संतों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।इस अवसर पर पूज्य स्वामी बालकानंद महाराज, बीकानेर स्वामी विशोकानन्द भारती महाराज, योग ऋषि पूज्य स्वामी रामदेव महाराज,साध्वी ऋतंभरा , स्वामी महाराज अविचल दास , अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पूरी महाराज,निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, आचार्य स्वामी ज्योतिर्यानंद गिरी महाराज, स्वामी मुनि महाराज, महंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ,चिदानंद मुनि महाराज, आचार्य बालकृष्ण महाराज, स्वामी अनंत देव महाराज, बाबा निर्मल दास महाराज, जितेंद्रानंद सरस्वती महाराज, अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग साध्वी निरंजन ज्योति , महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, महामंडलेश्वर पूज्य आत्मानंद मुनि महाराज, महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयानंद जी महाराज,राष्ट्रीय मंत्री हिंदू परिषद अशोक तिवारी, पंचायतीराज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक , परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर,मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार,एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह सहित देशभर से आए संत महात्मा एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देशभर से पधारे संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक घाट के लोकार्पण का अवसर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। उन्होंने स्वामी परमानन्द गिरि महाराज के जीवन को तप, त्याग और साधना का अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके विचारों एवं शिक्षाओं ने समाज को सेवा, करुणा और मानव कल्याण के मार्ग पर अग्रसर किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का सानिध्य समाज को सही दिशा प्रदान करता है और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत एवं जनसंख्या संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए आध्यात्मिक मूल्यों का सुदृढ़ होना आवश्यक है। उन्होंने सभी से संतों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।इस अवसर पर पूज्य स्वामी बालकानंद महाराज, बीकानेर स्वामी विशोकानन्द भारती महाराज, योग ऋषि पूज्य स्वामी रामदेव महाराज,साध्वी ऋतंभरा , स्वामी महाराज अविचल दास , अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पूरी महाराज,निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, आचार्य स्वामी ज्योतिर्यानंद गिरी महाराज, स्वामी मुनि महाराज, महंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ,चिदानंद मुनि महाराज, आचार्य बालकृष्ण महाराज, स्वामी अनंत देव महाराज, बाबा निर्मल दास महाराज, जितेंद्रानंद सरस्वती महाराज, अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग साध्वी निरंजन ज्योति , महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, महामंडलेश्वर पूज्य आत्मानंद मुनि महाराज, महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयानंद जी महाराज,राष्ट्रीय मंत्री हिंदू परिषद अशोक तिवारी, पंचायतीराज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक , परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर,मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार,एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह सहित देशभर से आए संत महात्मा एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

