शिविर में 471 हाजियों को सिखाए गये हज अरकान -18 अप्रैल से शुरू होगी उत्तराखंड के हजयात्रियों की फ्लाईट , 1348 जायरीन होंगे रवाना
हज के लिये चयन होना सौभाग्य की बातः बसेड़ा
हज कमेटी अध्यक्ष व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने किया शुभारंभ
उलेमाओं ने हज यात्रा की बारीकियों से कराया रूबरू
देहरादून। उत्तराखंड से इस वर्ष हज यात्रा के लिए कुल 13,48 जायरीनों का चयन हुआ है, जिनमें से अधिकतर यात्रियों ने अपनी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। हज यात्रा के लिए रवानगी 18 अप्रैल से शुरू होगी। चयनित हाजियों में बिना मेहरम के यात्रा करने वाली 65 वर्ष से अधिक आयु की दो महिलाएं और एक 45 वर्षीय महिला भी शामिल हैं।
बुधवार को हज कमेटी की ओर से मदरसा जमीउल उलूम माजरा, देहरादून में हाजियों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 471 हाजियों को हज के अरकान (रीतियों) की विस्तृत जानकारी दी गई और यात्रा के दौरान अपनाई जाने वाली जरूरी सावधानियों से अवगत कराया गया।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उप निदेशक हीरा सिंह बसेड़ा ने हाजियों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि हज यात्रा का मौका मिलना बेहद सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपील की कि सभी हाजी देश, समाज और विश्व में अमन-चैन के लिए दुआ करें। साथ ही यह भी कामना की गई कि सभी का सफर आसान और सुरक्षित रहे।
कार्यक्रम में हज कमेटी के अध्यक्ष खतीब अहमद, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उप निदेशक हीरा सिंह बसेड़ा, मुफ्ती सलीम अहमद कासमी, मुफ्ती रईस अहमद कासमी, मुफ्ती हुजैफा कासमी, मुफ्ती शहजाद कासमी, मौलाना एजाज अहमद कासमी, मुफ्ती मन्नान रजा, अबरार हुसैन, मुफ्ती ताहिर कासमी, मास्टर मुस्तकीम हसन, मास्टर अब्दुल सत्तार, जाकिर अंसारी, पूर्व पाषर्द आफताब आलम, अकील अहमद, हज अधिकारी मोहम्मद अहसान, मोहम्मद शाहिद, अब्दुल कादिर, मोहम्मद इजहार, मोहम्मद शादाब, गुलशन, महताब जैदी, आदि मौजूद रहे।
हज यात्रा के दौरान हाजियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए 9 स्टेट हज इंस्पेक्टर भी तैनात किए जाएंगे। इनमें गुलजार, शकील अहमद, मोहसिन, तारिक हुसैन और जावेद अहमद प्रमुख रूप से शामिल हैं। हज कमेटी ने सभी हाजियों को समय पर जरूरी दस्तावेज और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है, ताकि उनकी यात्रा सुगम और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
हज कमेटी अध्यक्ष व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने किया शुभारंभ
उलेमाओं ने हज यात्रा की बारीकियों से कराया रूबरू
देहरादून। उत्तराखंड से इस वर्ष हज यात्रा के लिए कुल 13,48 जायरीनों का चयन हुआ है, जिनमें से अधिकतर यात्रियों ने अपनी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। हज यात्रा के लिए रवानगी 18 अप्रैल से शुरू होगी। चयनित हाजियों में बिना मेहरम के यात्रा करने वाली 65 वर्ष से अधिक आयु की दो महिलाएं और एक 45 वर्षीय महिला भी शामिल हैं।
बुधवार को हज कमेटी की ओर से मदरसा जमीउल उलूम माजरा, देहरादून में हाजियों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 471 हाजियों को हज के अरकान (रीतियों) की विस्तृत जानकारी दी गई और यात्रा के दौरान अपनाई जाने वाली जरूरी सावधानियों से अवगत कराया गया।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उप निदेशक हीरा सिंह बसेड़ा ने हाजियों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि हज यात्रा का मौका मिलना बेहद सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपील की कि सभी हाजी देश, समाज और विश्व में अमन-चैन के लिए दुआ करें। साथ ही यह भी कामना की गई कि सभी का सफर आसान और सुरक्षित रहे।
कार्यक्रम में हज कमेटी के अध्यक्ष खतीब अहमद, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के उप निदेशक हीरा सिंह बसेड़ा, मुफ्ती सलीम अहमद कासमी, मुफ्ती रईस अहमद कासमी, मुफ्ती हुजैफा कासमी, मुफ्ती शहजाद कासमी, मौलाना एजाज अहमद कासमी, मुफ्ती मन्नान रजा, अबरार हुसैन, मुफ्ती ताहिर कासमी, मास्टर मुस्तकीम हसन, मास्टर अब्दुल सत्तार, जाकिर अंसारी, पूर्व पाषर्द आफताब आलम, अकील अहमद, हज अधिकारी मोहम्मद अहसान, मोहम्मद शाहिद, अब्दुल कादिर, मोहम्मद इजहार, मोहम्मद शादाब, गुलशन, महताब जैदी, आदि मौजूद रहे।
हज यात्रा के दौरान हाजियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए 9 स्टेट हज इंस्पेक्टर भी तैनात किए जाएंगे। इनमें गुलजार, शकील अहमद, मोहसिन, तारिक हुसैन और जावेद अहमद प्रमुख रूप से शामिल हैं। हज कमेटी ने सभी हाजियों को समय पर जरूरी दस्तावेज और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है, ताकि उनकी यात्रा सुगम और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

