कांग्रेस बताए, 22 में कौन से टिकट बेचे, 27 में किसकी हुई एडवांस बुकिंग: विनोद चमोली, कहा – राजनैतिक दल के नाते विपक्षी गड़बड़ियों को उजागर करना भाजपा का कर्तव्य
कांग्रेस अध्यक्ष पर लेनदेन के आरोप गंभीर, कांग्रेस नेतृत्व करे कार्रवाई,
आरोप लगाने वाली नेत्री ने बड़े कांग्रेस नेताओं से करीबी का खुलासा भी किया
देहरादून । भाजपा ने कांग्रेस पर लगे टिकट बेचने के आरोपों को गंभीर बताते हुए तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक और प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा है कि कांग्रेस को सार्वजनिक करना चाहिए, कौन से टिकट 22 चुनाव में बेचे गए थे और 27 के लिए किन 25 की बुकिंग की गई है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को भी चुनौती दी है कि वे भी अपने अध्यक्ष से पूछे कि जिस रकम देने का दावा वायरल वीडियो में किया गया है, उसका उपयोग कहां हुआ। जहां तक भाजपा पर प्रचारित करने के आरोप हैं तो प्रतिद्वंदी राजनैतिक दल और जागरूकता के नाते हमारे कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है सवाल उठाना।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के माध्यम से बोलते हुए चमोली ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाने वाली एक सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व कांग्रेस नेत्री हैं। उन्होंने गोदियाल के साथ कुछ लेनदेन को लेकर अपनी बात कही है। उनकी आपसी लेनदेन और जिन पैसों की बात वे कांग्रेस को देने की कह रही, स्पष्ट होना चाहिए कि वह कांग्रेस के काम में लगा है या उसका उपयोग व्यक्तिगत किया गया। हालांकि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, फिर उम्मीद है कि वहां अवश्य उन्होंने गंभीरता से लिया होगा कि पैसे का उपयोग किस तरीके से किया गया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, कांग्रेस नेतृत्व को पूछना चाहिए कि इन रकमों का क्या हुआ और दुरुपयोग होने पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, आरोपों में ये भी कहना कि पिछली बार 2027 के चुनाव में गोदियाल द्वारा 18 विधानसभा टिकट बेचे गए हैं और वर्तमान में भी 25 विधानसभा टिकटों का सौदा हो चुका है, बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला है। सबसे दुखद बात है कि अभी तक कांग्रेस की तरफ से इसका खंडन नहीं किया गया है और ना ही कांग्रेस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई की है। चूंकि कांग्रेस हमारा एक प्रमुख विपक्षी दल है, प्रदेश में उन्होंने सरकार भी चलाई है। ऐसे में यह जवाबदेही कांग्रेस की बनती है कि वह बताएं, जो 18 टिकट कांग्रेस ने बेचे, वह कौन से थे। और अब वो 25 टिकट कहां से हैं जिनकी एडवांस बुकिंग की बात सामने आ रही है।
उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस की सरकारों ही नहीं संगठन के अंदर भी जबरदस्त भ्रष्टाचार है, इससे हम अच्छी तरह वाकिफ हैं। टिकट बेचने के आरोप तो गोदियाल जी के पहले कार्यकाल में भी उनके ही नेताओं द्वारा तत्कालीन प्रभारी एवं अन्य नेताओं पर लगाए गए थे। चूंकि अब एक भुक्तभोगी, जो कांग्रेस में रहकर गोदियाल, हरीश रावत आदि बड़े नेताओं का करीबी रही हों, वो सामने से आरोप लगा रही हैं। ऐसे कांग्रेस नेतृत्व की गंभीरता से लेना चाहिए और सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए।
वहीं कांग्रेस द्वारा महिला नेत्री को भाजपा से जोड़ने वाले आरोपों पर पलटवार कर कहा कि कोई भी व्यक्ति कांग्रेस पार्टी और उसके अध्यक्ष पर आरोप लगाएगा तो निश्चित तौर पर प्रतिद्वंदी राजनैतिक दल होने के नाते हमारा कार्यकर्ता उसे उठाएगा। वो मीडिया, सोशल मीडिया आदि माध्यमों से जनता के सामने उन मुद्दों को चर्चा में लेकर आएगा। हम राजनीतिक दल है और विपक्ष की कमियों का राजनीतिक लाभ हम लेंगे ही, साथ ही जनता को जागरूक भी करेंगे।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन भी उपस्थित रही।
आरोप लगाने वाली नेत्री ने बड़े कांग्रेस नेताओं से करीबी का खुलासा भी किया
देहरादून । भाजपा ने कांग्रेस पर लगे टिकट बेचने के आरोपों को गंभीर बताते हुए तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक और प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा है कि कांग्रेस को सार्वजनिक करना चाहिए, कौन से टिकट 22 चुनाव में बेचे गए थे और 27 के लिए किन 25 की बुकिंग की गई है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को भी चुनौती दी है कि वे भी अपने अध्यक्ष से पूछे कि जिस रकम देने का दावा वायरल वीडियो में किया गया है, उसका उपयोग कहां हुआ। जहां तक भाजपा पर प्रचारित करने के आरोप हैं तो प्रतिद्वंदी राजनैतिक दल और जागरूकता के नाते हमारे कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है सवाल उठाना।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के माध्यम से बोलते हुए चमोली ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाने वाली एक सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व कांग्रेस नेत्री हैं। उन्होंने गोदियाल के साथ कुछ लेनदेन को लेकर अपनी बात कही है। उनकी आपसी लेनदेन और जिन पैसों की बात वे कांग्रेस को देने की कह रही, स्पष्ट होना चाहिए कि वह कांग्रेस के काम में लगा है या उसका उपयोग व्यक्तिगत किया गया। हालांकि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, फिर उम्मीद है कि वहां अवश्य उन्होंने गंभीरता से लिया होगा कि पैसे का उपयोग किस तरीके से किया गया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, कांग्रेस नेतृत्व को पूछना चाहिए कि इन रकमों का क्या हुआ और दुरुपयोग होने पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, आरोपों में ये भी कहना कि पिछली बार 2027 के चुनाव में गोदियाल द्वारा 18 विधानसभा टिकट बेचे गए हैं और वर्तमान में भी 25 विधानसभा टिकटों का सौदा हो चुका है, बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला है। सबसे दुखद बात है कि अभी तक कांग्रेस की तरफ से इसका खंडन नहीं किया गया है और ना ही कांग्रेस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई की है। चूंकि कांग्रेस हमारा एक प्रमुख विपक्षी दल है, प्रदेश में उन्होंने सरकार भी चलाई है। ऐसे में यह जवाबदेही कांग्रेस की बनती है कि वह बताएं, जो 18 टिकट कांग्रेस ने बेचे, वह कौन से थे। और अब वो 25 टिकट कहां से हैं जिनकी एडवांस बुकिंग की बात सामने आ रही है।
उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस की सरकारों ही नहीं संगठन के अंदर भी जबरदस्त भ्रष्टाचार है, इससे हम अच्छी तरह वाकिफ हैं। टिकट बेचने के आरोप तो गोदियाल जी के पहले कार्यकाल में भी उनके ही नेताओं द्वारा तत्कालीन प्रभारी एवं अन्य नेताओं पर लगाए गए थे। चूंकि अब एक भुक्तभोगी, जो कांग्रेस में रहकर गोदियाल, हरीश रावत आदि बड़े नेताओं का करीबी रही हों, वो सामने से आरोप लगा रही हैं। ऐसे कांग्रेस नेतृत्व की गंभीरता से लेना चाहिए और सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए।
वहीं कांग्रेस द्वारा महिला नेत्री को भाजपा से जोड़ने वाले आरोपों पर पलटवार कर कहा कि कोई भी व्यक्ति कांग्रेस पार्टी और उसके अध्यक्ष पर आरोप लगाएगा तो निश्चित तौर पर प्रतिद्वंदी राजनैतिक दल होने के नाते हमारा कार्यकर्ता उसे उठाएगा। वो मीडिया, सोशल मीडिया आदि माध्यमों से जनता के सामने उन मुद्दों को चर्चा में लेकर आएगा। हम राजनीतिक दल है और विपक्ष की कमियों का राजनीतिक लाभ हम लेंगे ही, साथ ही जनता को जागरूक भी करेंगे।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन भी उपस्थित रही।

