उत्तराखंडदेहरादून

चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड में पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति – राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार की जा रही एलपीजी सप्लाई :आईओसीएल-उत्तराखंड

पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर जानकारी,
– सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड में कार्य कर रही 5 सीजीडी कंपनियां ,
– चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी गई 
देहरादून ।डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग  कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों  में  एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह जनता को दी गई है।
सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, तथा गलत सूचना का मुकाबला करने के उपाय को लेकर पत्रकार वार्ता की।
उन्होंने कहा कि डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई। मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति है।डिलीवरी का समय शहरी क्षेत्रों में लगभग 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 दिन है। गैर-घरेलू आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल/ढाबों, औद्योगिक कैंटीनों और फार्मा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है।

फिलहाल प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना  के तहत प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग  कृष्ण कुमार गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा- एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की खरीदारी घबराकर न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्होंने डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया।
उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।
राज्य में वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर नियमित जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन निरीक्षण किए जा रहे हैं। तेल विपणन कंपनियों  द्वारा 130 एलपीजी निरीक्षण और 259 रिटेल आउटलेट निरीक्षण किए गए हैं।

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