उत्तराखंडदेहरादून

उत्तराखंड में व्यावसायिक एलपीजी की नई व्यवस्था लागू होने के बाद गैस एजेंसियों को सिलेंडर हो रहे उपलब्ध , बाजार में आपूर्ति की स्थिति सुधरने लगी

देहरादून।उत्तराखंड में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के वितरण को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार की नई पहल रंग लाने लगी है। प्रदेश में लागू की गई नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के तहत तेल कंपनियों ने अब जनपदवार आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसी प्रमुख कंपनियां अब सीधे शासन की एसओपी के अनुरूप गैस एजेंसियों को सिलेंडर उपलब्ध करा रही हैं, जिससे बाजार में आपूर्ति की स्थिति सुधरने लगी है।
अपर आयुक्त खाद्य पी.एस. पांगती ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक गैस एजेंसी को उसके पास पंजीकृत व्यावसायिक गैस कनेक्शनों की वास्तविक संख्या के आधार पर ही सिलेंडरों का कोटा आवंटित किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और आवश्यकतानुसार सटीक आपूर्ति सुनिश्चित करना है। वर्तमान में राज्य की 311 गैस एजेंसियों के माध्यम से कुल 63,054 व्यावसायिक कनेक्शनों को गैस की आपूर्ति की जा रही है।
खाद्य विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से सबसे अधिक लाभ होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे, अस्पताल और फार्मास्यूटिकल इकाइयों को होगा, जिन्हें अब अपनी दैनिक जरूरतों के हिसाब से गैस एजेंसियां सिलेंडर मुहैया कराएंगी। राहत की बात यह है कि एसओपी लागू होने के महज दो दिनों के भीतर ही बड़ी खेप रवाना कर दी गई है। मंगलवार शाम तक जनपदवार एजेंसियों को 19 किलोग्राम के 794 और 47.5 किलोग्राम के 85 बड़े व्यावसायिक सिलेंडर भेजे जा चुके हैं।
अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राज्य में घरेलू रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और व्यावसायिक क्षेत्र के लिए भी आपूर्ति अब निरंतर बनी रहेगी। नई नीति के लागू होने से न केवल सिलेंडरों की उपलब्धता में सुधार आएगा, बल्कि पर्यटन आधारित इस राज्य के व्यावसायिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

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