उत्तराखंडदेहरादून

भेदभाव मन का विषय, शक्ति और संस्कार से होगा समाज परिवर्तन: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “संघ यात्रा – नये क्षितिज, नये आयाम” विषय पर प्रमुख जन गोष्ठी आयोजित
देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “संघ यात्रा – नये क्षितिज, नये आयाम” विषय पर प्रमुख जन गोष्ठी एवं विविध क्षेत्र समन्वित संवाद का आयोजन हिमालयन कल्चरल सेंटर के सभागार में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में संघ के सरसंघचालक माननीय मोहन भागवत जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरसंघचालक द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण एवं सामूहिक वंदेमातरम् गायन से हुआ। कार्यक्रम का संचालन विभाग प्रचार प्रमुख गजेन्द्र खंडूड़ी जी ने किया।
प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने अपने प्रारंभिक संबोधन में संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत उत्तराखंड में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों—विजयदशमी पर पथ संचलन, घोष संचलन, व्यापक गृह संपर्क अभियान, परिवारों में प्रत्यक्ष संपर्क तथा हिंदू सम्मेलनों—की जानकारी दी तथा आगामी योजनाओं का भी विस्तार से उल्लेख किया।
“ऊपर से जो दिखता है, वह सदैव सत्य नहीं”
सरसंघचालक मोहन भागवत  ने कहा कि संघ को बाहर से देखकर उसकी वास्तविकता को नहीं समझा जा सकता। पथ संचलन देखकर कुछ लोग उसे अर्धसैनिक संगठन समझ लेते हैं, राष्ट्रप्रेम के गीत सुनकर संगीत मंडली मान लेते हैं, सेवा कार्य देखकर सेवा क्षेत्र का संगठन समझ लेते हैं, लेकिन संघ इन सीमाओं से परे एक व्यापक सामाजिक शक्ति है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे चीनी की मिठास को जानने के लिए उसे चखना पड़ता है, वैसे ही संघ को समझने के लिए संघ के कार्य में आना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का किसी संगठन से प्रतिस्पर्धा नहीं है। राष्ट्र सशक्त होगा तो राष्ट्रवासी भी सशक्त होंगे। यदि राष्ट्र दुर्बल होगा तो व्यक्ति अपने ही देश में सुरक्षित नहीं रह पाएगा। संघ का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है, क्योंकि सशक्त व्यक्ति से ही सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, उद्योगजगत से जुड़े प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ सम्पन्न हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *