उत्तराखंडहरिद्वार

मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा -मुख्यसेवक की चौपाल” कोई औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का एक जीवंत मंच

जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा ,
जनता की संतुष्टि ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान
देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हरिद्वार    ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत आयोजित मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है। उन्होंने स्वयं को जनता से अलग नहीं, बल्कि उनका सेवक बताते हुए कहा कि जनता की संतुष्टि ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्यसेवक की चौपाल” कोई औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का एक जीवंत मंच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए आए हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है, ताकि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार का मूल मंत्र है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनहित सर्वोपरि रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी की आवाज दबाई नहीं जाएगी और कोई शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी। सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत बीते डेढ़ माह में पूरे प्रदेश में  लाखों लोग  लाभान्वित हो रहे हैं | उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सशक्त सेतु है।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से योग्य युवाओं को अवसर प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए भी निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बन सके और राज्य के समग्र विकास में भागीदार बन सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय में वृद्धि के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान, कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों के समग्र सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधार अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है तथा कृषि को लाभकारी बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित हैं |

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता के कारण योजनाएं बिना भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार किया गया है और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने  कहा कि जनता के सुझाव ही सरकार के लिए मार्गदर्शन का कार्य करते हैं। सरकार और जनता यदि साथ मिलकर कार्य करें तो विकास की कोई सीमा नहीं रहती। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के सहयोग और विश्वास से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को अवश्य सिद्ध किया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के  अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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