उत्तराखंड

देहरादून में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ विषय पर आयोजित कार्याशाला में पहुंचे सीएम धामी, किया ऐलान – शी फॉर स्टेम के तहत हर जनपद में पांच छात्राओं को दी जाएगी छात्रवृत्ति 

स्टेम के लिए स्टार्टअप आरंभ करने के लिए में छात्राओं को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे,
महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों में स्वयं सहायता समूहो को जोड़ा जाएगा,
उत्तराखंड में मातृशक्ति के उत्थान को समर्पित धामी सरकार,
प्रदेश में 1.67 लाख से अधिक महिलाएं बनी लखपति दीदी,
ड्राप आउट छात्राओं को शिक्षा से जोड़ रही धामी सरकार,
देहरादून में बन रही देश की पांचवीं साइंस सिटी,
डिजिटल इंडिया से बेटियों को मिल रहा तकनीकी सशक्तिकरण
देहरादून।मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय, सुद्धोवाला (प्रेमनगर, देहरादून) में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ विषयक कार्यशाला में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री धामी ने ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस’ के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा कार्यशाला में उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने  ‘शी फॉर स्टेम’  विशिष्ट कार्यक्रम के माध्यम  प्रदेश की 20 प्रतिभाशाली बेटियों को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की।मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि शी फॉर स्टेम के तहत हर जनपद में पांच छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी |इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने  यह भी घोषणा की कि  स्टेम हेतु स्टार्टअप आरंभ करने के लिए में छात्राओं को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे | महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों में स्वयं सहायता समूहो को जोड़ा जाएगा |
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस कार्यक्रम के माध्यम से होनहार बेटियों को स्टेम अर्थात साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स के क्षेत्रों में शिक्षा एवं करियर के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने तथा महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए इन-मोबी, विज्ञानशाला इंटरनेशनल, यूकॉस्ट तथा उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सहित सभी आयोजकों को साधुवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस दूरदर्शी पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय इतिहास साक्षी है कि नारीशक्ति केवल सामाजिक या पारिवारिक जीवन तक सीमित नहीं रही, बल्कि विज्ञान, दर्शन, खगोलशास्त्र एवं चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भी अग्रणी रही है। वैदिक काल में गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषियाँ दार्शनिक विमर्श में अग्रणी थीं, जबकि लीलावती ने गणित के क्षेत्र में विश्व को दिशा प्रदान की। उन्होंने उल्लेख किया कि चरक-संहिता और सुश्रुत-संहिता जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों के विकास में भी स्त्रियों के योगदान के प्रमाण मिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि ‘शी फॉर स्टेम’ जैसे प्रयास प्रदेश की बेटियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे तथा वे अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से देश और प्रदेश की प्रगति एवं समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
कार्यक्रम में विधायक  सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव  रंजीत सिन्हा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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