उत्तराखंड में विकास की रफ्तार को बढ़ाने वाला साबित होगा केंद्रीय बजट: सीएम धामी केंद्रीय बजट को विकसित और आत्मनिर्भर भारत निर्माण में बताया महत्वपूर्ण कदम
मीडिया के सामने केंद्रीय बजट कीी खूबियों को विस्तार से रखा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर भारत का रोड मैप बताते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह देश और प्रदेश तरक्की कर रहा है, ये बजट उसकी रफ्तार और प्रभाव को बढ़ाने वाला साबित होगा।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट को जनआकाक्षाओं के अनुरूप आत्म निर्भर भारत की दिशा मे पूर्ण बजट बताया। उन्होंने बजट को देश के भविष्य को आर्थिक सुदृढ़ता, सामाजिक संतुलन एवं पर्यावरणीय स्थिरता जैसे तीन मजबूत स्तंभों पर स्थापित करने वाला बताया। यह बजट विकसित भारत के विजन का बजट है, जो राष्ट्र की तरक्की में कृषि, ग्रामीण विकास और कौशल निर्माण की बड़ी हुई भूमिका सुनिश्चित करता है। बजट का उद्देश्य स्पष्ट है, विकास का लाभ केवल शहरों तक ही सीमित न रहे बल्कि गाँव से लेकर सीमान्त क्षेत्रों तक समान रूप से पहुँचें। क्योंकि यह समावेशी विकास ही भारत के सामाजिक भविष्य की कुंजी है, जो हमे लोकल से ग्लोबल बनने का बजट है।
सीएम ने कहा कि वित्तीय वर्ष की आर्थिकी का यह रोड मैप युवाओं, महिलाओं और उद्यमिताओं पर केन्द्रित योजनाएं पर आधारित है, जो देश को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनने की दिशा में ले जाने वाला है। केंद्र की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनसंख्या भारत की कमजोरी नही बल्कि सबसे बड़ी ताकत बनेगी। अतः यह बजट लोक कल्याण का बजट है, यह कहने में कोई अतिश्योक्ति नही है। बजट में जिस तरह पर्यावरण-अनुकूल विकास, पर्वतीय राज्यों के लिए सत्त परियोजनाएं और इको-टूरिज्म पर फोकस किया गया है, वह देश के साथ उत्तराखंड के तेज विकास के साथ संतुलित एवं जिम्मेदार विकास पर आधारित होगा। रिफोर्म से परफोर्म की ओर बढ़ते भारत का यह बजट भारत के सुरक्षित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भविष्य का रोड़ मैप है।इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार तरुण बंसल, बजट प्रसार अभियान के प्रदेश समन्वयक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सुरेश जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, सोशल मीडिया संयोजक हिमांशु संगथानी भी मौजूद रहे।
तीन कर्तव्यों से प्रेरित यह बजट
, वे केंद्र और राज्य सरकारों की प्राथमिकता में रहेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार यह पहला बजट जिन तीन कर्तव्यों से प्रेरित है, वे केंद्र और राज्य सरकारों की प्राथमिकता में रहेगा। चाहे उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा वैश्विक उथल-पुथल के परिदृश्य मेंभी आर्थिक विकास को तेज करना हो, चाहे भारत की समृद्धि लोगों को सशक्त साझेदार बनाना, सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुकूल प्रत्येक परिवार, समुदाय और क्षेत्र की संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच उपलब्ध कराना।
बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। जिसमें उत्पादन क्षमता के विस्तार, नए रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश और पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जीवन के माध्यम से अर्थव्यवस्था को नई गति देने की स्पष्ट सोच दिखाई देती है। सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने पर विशेष ज़ोर दिया गया है, जिससे देश के शहर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के मजबूत केंद्र बनेंगे।
बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान
इस बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान दिया गया है। उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए संतुलित और क्षेत्रीय विकास की अपार संभावना लेकर आया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 में राज्य की बड़े स्तर भागेदारी सुनिश्चित करने का प्रयास हम करेंगे। एमएसएमई सेक्टर को ग्लोबल चैंपियन बनाने के उद्देश्य से 10 हजार करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड की व्यवस्था की गई है, आत्मनिर्भर भारत निधि में 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप जैसे ठोस प्रावधान किए गए हैं। ये सब क्षेत्र उत्तराखंड के लिए अपार संभावनाएं लेकर आए हैं। दिव्यांगजन कौशल योजना, किसानों के लिए तकनीक-आधारित पहल, राष्ट्रीय हथकरघा कार्यक्रम, मेगा टेक्सटाइल पार्क, और कुशल पेशेवरों के लिए नए प्रशिक्षण संस्थान समावेशी विकास को मजबूती देने का काम करेंगे।
पर्वतीय ट्रैकिंग ट्रेल्स परियोजना से उत्तराखंड में साहसिक और ईको-टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा
इसी तरह पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष फोकस उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास का संकेत देता है। उन्होंने उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए पर्वतीय ट्रेल्स की महत्वपूर्ण घोषणा का जिक्र करते हुए इसे पर्यटन, स्थानीय आजीविका और युवाओं के रोजगार को नई दिशा देना वाला बताया। पर्वतीय ट्रैकिंग ट्रेल्स परियोजना से उत्तराखंड में साहसिक और ईको-टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार बढ़ेगा
होम-स्टे, गाइड, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय उत्पादों को नया बाज़ार मिलेगा आई.आई.एम. के सहयोग से हाईब्रिड मोड में मानकीकृत, उच्च गुणवत्ता वाले 12 सप्ताह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के जरिए 20 पर्यटन स्थलों में 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन के लिए प्रायोगिक योजना शुरू की जाएगी। ये सभी राज्य में युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका को लेकर असीम संभावनाएं लेकर आएगा। सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत महत्व वाले सभी स्थानों के डिजिटल दस्तावेज तैयार करने के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना की जाएग।
पर्वतीय क्षेत्रो में बादाम, अखरोट और खुमानी जैसे गिरीदार फलों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट-सेंसिटिव विकास पर फोकस उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए विशेष रूप से अनुकूल
बजट को उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए विकास के अवसरों को खोलने वाला दस्तावेज
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जहां तक टियर-2 और टियर-3 शहरों पर ज़ोर देने की बात है तो इससे देहरादून, हल्द्वानी, रुद्रपुर, हरिद्वार जैसे शहरों को आर्थिक गतिविधियों के नए केंद्र बनने का अवसर मिलेगा। एमएसएमई ,ग्रोथ फंड और विरासत औद्योगिक क्लस्टर से राज्य के हथकरघा, हस्तशिल्प, आयुष, फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मिलेगा।
खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प की मजबूती के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। इससे देश व उत्तराखण्ड के बुनकरों, ग्राम उद्योगों, एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा। यूनिवर्सिटी टाउनशिप की अवधारणा उत्तराखंड को शिक्षा, शोध और स्किल डेवलपमेंट का हब बनाने की दिशा में बड़ा अवसर है। ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट-सेंसिटिव विकास पर फोकस उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए विशेष रूप से अनुकूल है।
उन्होंने बजट को उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए विकास के अवसरों को खोलने वाला दस्तावेज बताया। जो राज्य में पर्यटन, रोजगार, शिक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई उड़ान भरने में सहायक होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश के विकास, विश्वास और भविष्य निर्माण के इस बजट को हम देवभूमि में धरातल पर उतारने का काम करेंगे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर भारत का रोड मैप बताते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह देश और प्रदेश तरक्की कर रहा है, ये बजट उसकी रफ्तार और प्रभाव को बढ़ाने वाला साबित होगा।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट को जनआकाक्षाओं के अनुरूप आत्म निर्भर भारत की दिशा मे पूर्ण बजट बताया। उन्होंने बजट को देश के भविष्य को आर्थिक सुदृढ़ता, सामाजिक संतुलन एवं पर्यावरणीय स्थिरता जैसे तीन मजबूत स्तंभों पर स्थापित करने वाला बताया। यह बजट विकसित भारत के विजन का बजट है, जो राष्ट्र की तरक्की में कृषि, ग्रामीण विकास और कौशल निर्माण की बड़ी हुई भूमिका सुनिश्चित करता है। बजट का उद्देश्य स्पष्ट है, विकास का लाभ केवल शहरों तक ही सीमित न रहे बल्कि गाँव से लेकर सीमान्त क्षेत्रों तक समान रूप से पहुँचें। क्योंकि यह समावेशी विकास ही भारत के सामाजिक भविष्य की कुंजी है, जो हमे लोकल से ग्लोबल बनने का बजट है।
सीएम ने कहा कि वित्तीय वर्ष की आर्थिकी का यह रोड मैप युवाओं, महिलाओं और उद्यमिताओं पर केन्द्रित योजनाएं पर आधारित है, जो देश को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनने की दिशा में ले जाने वाला है। केंद्र की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनसंख्या भारत की कमजोरी नही बल्कि सबसे बड़ी ताकत बनेगी। अतः यह बजट लोक कल्याण का बजट है, यह कहने में कोई अतिश्योक्ति नही है। बजट में जिस तरह पर्यावरण-अनुकूल विकास, पर्वतीय राज्यों के लिए सत्त परियोजनाएं और इको-टूरिज्म पर फोकस किया गया है, वह देश के साथ उत्तराखंड के तेज विकास के साथ संतुलित एवं जिम्मेदार विकास पर आधारित होगा। रिफोर्म से परफोर्म की ओर बढ़ते भारत का यह बजट भारत के सुरक्षित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भविष्य का रोड़ मैप है।इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार तरुण बंसल, बजट प्रसार अभियान के प्रदेश समन्वयक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सुरेश जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, सोशल मीडिया संयोजक हिमांशु संगथानी भी मौजूद रहे।
तीन कर्तव्यों से प्रेरित यह बजट
, वे केंद्र और राज्य सरकारों की प्राथमिकता में रहेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार यह पहला बजट जिन तीन कर्तव्यों से प्रेरित है, वे केंद्र और राज्य सरकारों की प्राथमिकता में रहेगा। चाहे उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा वैश्विक उथल-पुथल के परिदृश्य मेंभी आर्थिक विकास को तेज करना हो, चाहे भारत की समृद्धि लोगों को सशक्त साझेदार बनाना, सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुकूल प्रत्येक परिवार, समुदाय और क्षेत्र की संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच उपलब्ध कराना।
बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। जिसमें उत्पादन क्षमता के विस्तार, नए रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश और पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जीवन के माध्यम से अर्थव्यवस्था को नई गति देने की स्पष्ट सोच दिखाई देती है। सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने पर विशेष ज़ोर दिया गया है, जिससे देश के शहर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के मजबूत केंद्र बनेंगे।
बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान
इस बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान दिया गया है। उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए संतुलित और क्षेत्रीय विकास की अपार संभावना लेकर आया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 में राज्य की बड़े स्तर भागेदारी सुनिश्चित करने का प्रयास हम करेंगे। एमएसएमई सेक्टर को ग्लोबल चैंपियन बनाने के उद्देश्य से 10 हजार करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड की व्यवस्था की गई है, आत्मनिर्भर भारत निधि में 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप जैसे ठोस प्रावधान किए गए हैं। ये सब क्षेत्र उत्तराखंड के लिए अपार संभावनाएं लेकर आए हैं। दिव्यांगजन कौशल योजना, किसानों के लिए तकनीक-आधारित पहल, राष्ट्रीय हथकरघा कार्यक्रम, मेगा टेक्सटाइल पार्क, और कुशल पेशेवरों के लिए नए प्रशिक्षण संस्थान समावेशी विकास को मजबूती देने का काम करेंगे।
पर्वतीय ट्रैकिंग ट्रेल्स परियोजना से उत्तराखंड में साहसिक और ईको-टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा
इसी तरह पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष फोकस उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास का संकेत देता है। उन्होंने उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए पर्वतीय ट्रेल्स की महत्वपूर्ण घोषणा का जिक्र करते हुए इसे पर्यटन, स्थानीय आजीविका और युवाओं के रोजगार को नई दिशा देना वाला बताया। पर्वतीय ट्रैकिंग ट्रेल्स परियोजना से उत्तराखंड में साहसिक और ईको-टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार बढ़ेगा
होम-स्टे, गाइड, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय उत्पादों को नया बाज़ार मिलेगा आई.आई.एम. के सहयोग से हाईब्रिड मोड में मानकीकृत, उच्च गुणवत्ता वाले 12 सप्ताह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के जरिए 20 पर्यटन स्थलों में 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन के लिए प्रायोगिक योजना शुरू की जाएगी। ये सभी राज्य में युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका को लेकर असीम संभावनाएं लेकर आएगा। सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत महत्व वाले सभी स्थानों के डिजिटल दस्तावेज तैयार करने के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना की जाएग।
पर्वतीय क्षेत्रो में बादाम, अखरोट और खुमानी जैसे गिरीदार फलों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट-सेंसिटिव विकास पर फोकस उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए विशेष रूप से अनुकूल
बजट को उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए विकास के अवसरों को खोलने वाला दस्तावेज
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जहां तक टियर-2 और टियर-3 शहरों पर ज़ोर देने की बात है तो इससे देहरादून, हल्द्वानी, रुद्रपुर, हरिद्वार जैसे शहरों को आर्थिक गतिविधियों के नए केंद्र बनने का अवसर मिलेगा। एमएसएमई ,ग्रोथ फंड और विरासत औद्योगिक क्लस्टर से राज्य के हथकरघा, हस्तशिल्प, आयुष, फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मिलेगा।
खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प की मजबूती के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। इससे देश व उत्तराखण्ड के बुनकरों, ग्राम उद्योगों, एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा। यूनिवर्सिटी टाउनशिप की अवधारणा उत्तराखंड को शिक्षा, शोध और स्किल डेवलपमेंट का हब बनाने की दिशा में बड़ा अवसर है। ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट-सेंसिटिव विकास पर फोकस उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए विशेष रूप से अनुकूल है।
उन्होंने बजट को उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए विकास के अवसरों को खोलने वाला दस्तावेज बताया। जो राज्य में पर्यटन, रोजगार, शिक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई उड़ान भरने में सहायक होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश के विकास, विश्वास और भविष्य निर्माण के इस बजट को हम देवभूमि में धरातल पर उतारने का काम करेंगे।

