एसजीआरआरयू के विशेष एनएसएस शिविर का समापन,कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा – एनएसएस छात्रों को संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने की सतत प्रक्रिया
मोथरोवाला में 7 दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर से जनजागरूकता की अलख जगाई
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विभाग द्वारा मोथरोवाला (इकाई-1 एवं इकाई-2) में आयोजित 7-दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह शिविर सामाजिक उत्तरदायित्व, सामुदायिक सहभागिता और अनुभवात्मक शिक्षा का सशक्त उदाहरण बना।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने शिविर में सहभागी एनएसएस स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं को सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इस प्रकार के शिविर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों को संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने की एक सतत प्रक्रिया है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से छात्रों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक प्रतिबद्धता और टीम भावना का विकास होता है।
उत्तराखंड की एनएसएस राज्य अधिकारी डॉ. सुनैना रावत को राज्य स्तर पर उनके निरंतर मार्गदर्शन और समन्वय के लिए विशेष रूप से सराहा गया, जिनके सहयोग से शिविर की गतिविधियाँ राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी ढंग से संपन्न हुईं।
शिविर का जमीनी स्तर पर सफल संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. नवीन गौरव एवं डॉ. कमला जखमोला, तथा ग्राम प्रधान सोबत चंद रमोला के कुशल समन्वय से संभव हुआ। उनके नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने मोथरोवाला क्षेत्र में स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक जनजागरूकता एवं सामुदायिक संवाद से जुड़े विविध कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की।
विशेष एनएसएस शिविर का सफल आयोजन सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति एसजीआरआरयू की स्थायी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की पहलें समाज के लिए समर्पित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विभाग द्वारा मोथरोवाला (इकाई-1 एवं इकाई-2) में आयोजित 7-दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह शिविर सामाजिक उत्तरदायित्व, सामुदायिक सहभागिता और अनुभवात्मक शिक्षा का सशक्त उदाहरण बना।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने शिविर में सहभागी एनएसएस स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं को सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इस प्रकार के शिविर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों को संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने की एक सतत प्रक्रिया है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से छात्रों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक प्रतिबद्धता और टीम भावना का विकास होता है।
उत्तराखंड की एनएसएस राज्य अधिकारी डॉ. सुनैना रावत को राज्य स्तर पर उनके निरंतर मार्गदर्शन और समन्वय के लिए विशेष रूप से सराहा गया, जिनके सहयोग से शिविर की गतिविधियाँ राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी ढंग से संपन्न हुईं।
शिविर का जमीनी स्तर पर सफल संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. नवीन गौरव एवं डॉ. कमला जखमोला, तथा ग्राम प्रधान सोबत चंद रमोला के कुशल समन्वय से संभव हुआ। उनके नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने मोथरोवाला क्षेत्र में स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक जनजागरूकता एवं सामुदायिक संवाद से जुड़े विविध कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की।
विशेष एनएसएस शिविर का सफल आयोजन सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति एसजीआरआरयू की स्थायी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की पहलें समाज के लिए समर्पित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।

