जौनसार बावर की दिलकश और खबसूरत वादियों में फिल्माए गए पुरानी प्रीत’’ गीत के 02 सप्ताह में तीन लाख से ज्यादा व्यू , अभिनव और श्वेता ने किया है कमाल का अभिनय
के.एस. चौहान का है गीत का कॉन्सेप्ट तथा परिकल्पना ,
पूरे उत्तराखण्ड में गीत इसकी विषय वस्तु को किया जा रहा बहुत पसन्द , प्रेम पर आधारित है ‘‘पुरानी प्रीत’’ गीत
देहरादून। गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी तथा प्रतीक्षा बमराड़ा के इस गीत को दर्शकों द्वारा बहुत अधिक पसन्द किया जा रहा है। इस गीत को जौनसार बावर के प्रसिद्ध लेखक श्याम सिंह चौहान ने लिखा है। इस गीत की धुन सीताराम चौहान ने बनाई है। गीत में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध अभिनेता अभिनव चौहान तथा प्रसिद्ध अभिनेत्री श्वेता मेहरा ने शानदार अभिनय किया है । उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफर युद्धवीर नेगी ने कमाल की सिनेमेटोग्राफी की है ।
गीत का म्यूजिक पवन गुंसाई और राकेश पाण्डे ने दिया है। गीत का निर्देशन उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अनुज जोशी ने किया है।
‘‘पुरानी प्रीत’’ गीत को जौनसार बावर की वादियों माकटी पोखरी, रामताल गार्डन, फटेऊ तथा झुसोऊ-भाकरोऊ गांव में फिल्माया गया है।यूट्यूब में दर्शकों द्वारा पूरे उत्तराखण्ड में इस गीत तथा इसकी विषय वस्तु को बहुत पसन्द किया जा रहा है। ‘‘पुरानी प्रीत’’ गीत प्रेम पर आधारित गीत है, जिसमें प्रेमी और प्रेमिका को युवावस्था में आपस में प्रेम हो जाता है किन्तु प्रेमी को जब यह पता चलता है कि उसे लंग्स की बीमारी है, जिसमें उसकी मृत्यु कभी भी हो सकती है जिसके कारण वह अपनी प्रेमिका से शादी करने से मना कर देता है। किन्तु शादी न करने का कारण वह अपनी प्रेमिका को नहीं बताता है। प्रेमी अपनी प्रेमिका से शादी इस वजह से नहीं करता कि उसे लगता है कि मेरी जिन्दगी बहुत छोटी है। यदि मैं अपनी प्रेमिका से शादी कर लूंगा तो उसकी पूरी जिन्दगी खराब हो जायेगी। क्योंकि बीमारी के कारण मेरी जिन्दगी के कुछ ही वर्ष बचे हैं। प्रेमी जब प्रेमिका से शादी करने से मना करता है तो उसकी वजह नहीं बताता है, जिसके कारण प्रेमिका कहीं और शादी कर लेती है। लेकिन प्रेमी प्रेमिका एक-दूसरे से एक न होने के बाद भी मन ही मन में बहुत प्यार करते हैं और प्रेमी कल्पना करता है कि तुम्हारा सुहाग कभी उजड़ना नहीं चाहिए और दोनों यह भी कल्पना करते हैं कि जब हमारी मृत्यु हो तो एक साथ हो और हमारा दाह संस्कार भी एक ही साथ किया जाए। गीत के अंत में बीमारी के कारण प्रेमी की आकस्मिक मृत्यु प्रेमिका के पास में ही हो जाती है, जिससे प्रेमिका को इतना गहरा आघात लगता है कि उसकी भी उसी समय मृत्यु हो जाती है।
‘‘पुरानी प्रीत’’ गीत को सुमिकल प्रोडक्शन के यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है। इस गीत का कॉन्सेप्ट तथा परिकल्पना के.एस. चौहान की है।
गीत का म्यूजिक पवन गुंसाई और राकेश पाण्डे ने दिया है। गीत का निर्देशन उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अनुज जोशी ने किया है।
‘‘पुरानी प्रीत’’ गीत को जौनसार बावर की वादियों माकटी पोखरी, रामताल गार्डन, फटेऊ तथा झुसोऊ-भाकरोऊ गांव में फिल्माया गया है।यूट्यूब में दर्शकों द्वारा पूरे उत्तराखण्ड में इस गीत तथा इसकी विषय वस्तु को बहुत पसन्द किया जा रहा है। ‘‘पुरानी प्रीत’’ गीत प्रेम पर आधारित गीत है, जिसमें प्रेमी और प्रेमिका को युवावस्था में आपस में प्रेम हो जाता है किन्तु प्रेमी को जब यह पता चलता है कि उसे लंग्स की बीमारी है, जिसमें उसकी मृत्यु कभी भी हो सकती है जिसके कारण वह अपनी प्रेमिका से शादी करने से मना कर देता है। किन्तु शादी न करने का कारण वह अपनी प्रेमिका को नहीं बताता है। प्रेमी अपनी प्रेमिका से शादी इस वजह से नहीं करता कि उसे लगता है कि मेरी जिन्दगी बहुत छोटी है। यदि मैं अपनी प्रेमिका से शादी कर लूंगा तो उसकी पूरी जिन्दगी खराब हो जायेगी। क्योंकि बीमारी के कारण मेरी जिन्दगी के कुछ ही वर्ष बचे हैं। प्रेमी जब प्रेमिका से शादी करने से मना करता है तो उसकी वजह नहीं बताता है, जिसके कारण प्रेमिका कहीं और शादी कर लेती है। लेकिन प्रेमी प्रेमिका एक-दूसरे से एक न होने के बाद भी मन ही मन में बहुत प्यार करते हैं और प्रेमी कल्पना करता है कि तुम्हारा सुहाग कभी उजड़ना नहीं चाहिए और दोनों यह भी कल्पना करते हैं कि जब हमारी मृत्यु हो तो एक साथ हो और हमारा दाह संस्कार भी एक ही साथ किया जाए। गीत के अंत में बीमारी के कारण प्रेमी की आकस्मिक मृत्यु प्रेमिका के पास में ही हो जाती है, जिससे प्रेमिका को इतना गहरा आघात लगता है कि उसकी भी उसी समय मृत्यु हो जाती है।
‘‘पुरानी प्रीत’’ गीत को सुमिकल प्रोडक्शन के यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है। इस गीत का कॉन्सेप्ट तथा परिकल्पना के.एस. चौहान की है।

