राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड निदेशक डॉ. रश्मि पंत ने कहा – आशा कार्यकर्ता हमारे स्वास्थ्य तंत्र की नींव
स्टेट आशा मेंटरिंग ग्रुप कोर समिति की बैठक आयोजित
देहरादून।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड नं सोमवार को स्टेट आशा मेंटरिंग ग्रुप कोर समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया । बैठक की अध्यक्षता निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड डॉ. रश्मि पंत ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में आशा कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाना रहा।
डॉ. रश्मि पंत निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने कहा आशा कार्यकर्ता हमारे स्वास्थ्य तंत्र की नींव हैं, जो समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच सेतु का कार्य करती हैं। प्रभावी मेंटरिंग के माध्यम से हम उनकी क्षमताओं को और अधिक सशक्त बना सकते हैं। हमारा प्रयास है कि वीएचएनडी, पीएलए बैठकों एवं अन्य सामुदायिक मंचों के माध्यम से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। प्रोग्राम स्पेसिफिक
दृष्टिकोण के साथ एक संरचित मेंटरिंग ढांचे के विकास से आशा कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास, कार्यकुशलता एवं परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति और अधिक प्रभावी रूप से हो सकेगी। बैठक में निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड डॉ. रश्मि पंत के मार्गदर्शन में यह निर्देशित किया गया कि आशा मेंटरिंग के माध्यम से वीएचएनडी, पीएलए बैठकों, जन आरोग्य समिति तथा अन्य सामुदायिक मंचों पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के लाभों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। राज्य में आशा मेंटरिंग समूह की कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त, प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान सहायक निदेशक (कम्युनिटी प्रोसेसेज़) डॉ. अजय कुमार नागरकर ने आशा कार्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया । उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत समुदाय स्तर पर रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन एवं स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं।
डॉ. नागरकर ने प्रभावी मेंटरिंग के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं की क्षमताओं को और अधिक निखारा जा सकता है। बैठक में डॉ. कौशिकी, डॉ. अंकित, डॉ. हिमांशु, डॉ. पल्लवी धौलाखंडी, सीमा मेहरा सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं संबद्ध संस्थानों के अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
आशा मेंटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए अपने-अपने सुझाव किए साझा
बैठक में उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा यह भी सुझाव दिया गया कि मेंटरिंग के दौरान स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों एवं समुदाय की सामाजिक संरचना को ध्यान में रखा जाए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी हो सके। सभी प्रतिभागियों ने आशा मेंटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए अपने-अपने सुझाव साझा किए। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अंतर्गत जनस्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने तथा राज्य के प्रत्येक नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

