धामी मंत्रिमंडल की बैठक में उपनल कर्मचारियों के हक़ बड़ा निर्णय,उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को भी मंजूरी, केदारनाथ धाम में पायलट प्रोजेक्ट बनेगा
समान कार्य समान वेतन का मिलेगा लाभ,
यूसीसी में संशोधन को मंजूरी ,
मंत्रिमंडल की बैठक में 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी
देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है, जिसमें मुख्य रूप से उपनल कर्मचारियों को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में बड़ा फैसला हुआ है। बैठक में समान कार्य समान वेतन पर सहमति बनी है, जिसका लाभ कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से मिलेगा।
दस साल उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के तहत 10 साल पूरे करने वाले कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ मिलेगा। इस तरह से उपनल के सात हजार से ज्यादा कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ मिलेगा। वहीं अब से सिर्फ भूतपूर्व सैनिकों के परिजनों को उपनल में नौकरी मिलेगी।
बैठक में यूसीसी में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। वहीं, उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने जो कहा, वह कर दिखाया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही कह दिया था कि उपनल कर्मचारियों के साथ न्याय होगा, आज उसी पर फैसला लिया गया। कैबिनेट ने वित्तिय संसाधनों को देखते हुए निर्णय लिया कि साल 2015 तक के लगे हुए उपनल कर्मचारियों को शासनादेश जारी होने के बाद तत्काल प्रभाव से सामान कार्य का सामान वेतन निर्धारण कर दिया जाएगा और उनको विभागीय संविदा पर नहीं लिया जाएगा। इसके बाद तीन चरणों में 2016, 2017 और 2018 के कर्मचारियों को सामान कार्य का सामान वेतन निर्धारण विभागीय संविदा में लेने का काम लिया जाएगा। इसी तरह 2032 तक के उपनल कर्मचारियों को सामान कार्य का सामान वेतन दिया जाएगा।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
• पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ की शासकीय प्रतिभूति यानी स्टेट गारंटी को मंजूरी। अब चीनी मिलें ऋण ले सकेंगी।
• चीनी मिलों के गन्ने के मूल्य को मंजूरी। 405 रुपये अगेती के मिलेंगे।
• निर्वाचन विभाग में सेवा नियमावली को मंजूरी।
• उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम होगा।
• यूकॉस्ट के तहत अल्मोड़ा व चंपावत के साइंस सेंटर के लिए 6-6 पद स्वीकृत किए गए।
• 2024-25 की ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी।
• वन निगम की रिपोर्ट सदन में रखने पर मुहर।
• बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलनेट पर भारत सरकार की 50 फीसदी के साथ अब राज्य से 25 फीसदी अतिरिक्त मिलेंगे।
• दून विवि में हिन्दू अध्ययन केंद्र के तहत 6 पदों (4 अकादमी,2 अन्य) को स्वीकृति मिली।
• उपनल कर्मचारियों के लिए: पूर्व में चरणों में समान कार्य समान वेतन के 12 वर्ष के बजाय 10 वर्ष पूरे करने वालों को समान कार्य समान वेतन 7000 से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा। 2018 से पूर्व के बाकी को भी अलग से मिलेगा लाभ। भविष्य में उपनल के माध्यम से भूतपूर्व सैनिकों के लिए पुनर्वास कार्य ही किए जाएंगे।
• सतेंद्र कुमार बनाम सीबीआई के तहत एनडीपीएस, पॉक्सो, के तहत विशेष न्यायालय बनेंगे। 16 न्यायालय बनेंगे, जिसमें 144 पद स्वीकृत हैं। देहरादून हरिद्वार नैनीताल और उधमसिंह नगर में 7 एडीजी, 9 एसीजेएम स्तर के न्यायालय होंगे।
• उत्तराखंड की विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए सीएम को निर्णय के लिए अधिकृत किया गया।
• खनन विभाग: नंधौर व अन्य नदियों में खनन का आदेश संशोधित किया गया है।
• विभिन्न खेल प्रतियोगिता के लिए विधायक स्तर की चैंपियन ट्रॉफी और एक लाख, सांसद स्तर पर चैंपियनशिप ट्राफी और 2 लाख, राज्य स्तर पर 5 लाख और ट्रॉफी मिलेगी।
• ब्रिडकुल रोपवे, टनल व कैविटी पार्किंग, ऑटोमेटेड या मेकैनिकल पार्किंग भी बनाएगा।
• बीएनएस की धारा 330 में दो पक्षों के सहमत होने पर विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। उसका एक फॉरमेट बनाने के लिए नियमावली को मंजूरी।
• यूसीसी में संशोधन को मंजूरी। अध्यादेश आएगा। जनवरी 2025 से पूर्व शादी वालों को छह माह के बजाय एक साल में कराना होगा विवाह पंजीकरण। रजिस्ट्रार जनरल अब अपर सचिव लेवल के अधिकारी होंगे। समय से काम न करने पर फाइन के बजाय पेनाल्टी किया गया।
• उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को मंजूरी, होम स्टे योजना का लाभ स्थानीय को ही मिलेगा। अब इसके लिए स्थायी निवास जरूरी होगा। ब्रेड एन्ड ब्रेकफास्ट ही करा सकेंगे बाहरी राज्यों के लोग। होम स्टे जैसा कोई लाभ नहीं मिलेगा।
• केदारनाथ धाम में एक पायलट प्रोजेक्ट बनेगा। इसमें गोबर व चीड़ की पत्तियों से बायो मास पैलेट बनेंगे। पर्यटन विभाग करेगा।
यूसीसी में संशोधन को मंजूरी ,
मंत्रिमंडल की बैठक में 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी
देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है, जिसमें मुख्य रूप से उपनल कर्मचारियों को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में बड़ा फैसला हुआ है। बैठक में समान कार्य समान वेतन पर सहमति बनी है, जिसका लाभ कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से मिलेगा।
दस साल उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के तहत 10 साल पूरे करने वाले कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ मिलेगा। इस तरह से उपनल के सात हजार से ज्यादा कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ मिलेगा। वहीं अब से सिर्फ भूतपूर्व सैनिकों के परिजनों को उपनल में नौकरी मिलेगी।
बैठक में यूसीसी में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। वहीं, उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने जो कहा, वह कर दिखाया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही कह दिया था कि उपनल कर्मचारियों के साथ न्याय होगा, आज उसी पर फैसला लिया गया। कैबिनेट ने वित्तिय संसाधनों को देखते हुए निर्णय लिया कि साल 2015 तक के लगे हुए उपनल कर्मचारियों को शासनादेश जारी होने के बाद तत्काल प्रभाव से सामान कार्य का सामान वेतन निर्धारण कर दिया जाएगा और उनको विभागीय संविदा पर नहीं लिया जाएगा। इसके बाद तीन चरणों में 2016, 2017 और 2018 के कर्मचारियों को सामान कार्य का सामान वेतन निर्धारण विभागीय संविदा में लेने का काम लिया जाएगा। इसी तरह 2032 तक के उपनल कर्मचारियों को सामान कार्य का सामान वेतन दिया जाएगा।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
• पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ की शासकीय प्रतिभूति यानी स्टेट गारंटी को मंजूरी। अब चीनी मिलें ऋण ले सकेंगी।
• चीनी मिलों के गन्ने के मूल्य को मंजूरी। 405 रुपये अगेती के मिलेंगे।
• निर्वाचन विभाग में सेवा नियमावली को मंजूरी।
• उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम होगा।
• यूकॉस्ट के तहत अल्मोड़ा व चंपावत के साइंस सेंटर के लिए 6-6 पद स्वीकृत किए गए।
• 2024-25 की ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी।
• वन निगम की रिपोर्ट सदन में रखने पर मुहर।
• बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलनेट पर भारत सरकार की 50 फीसदी के साथ अब राज्य से 25 फीसदी अतिरिक्त मिलेंगे।
• दून विवि में हिन्दू अध्ययन केंद्र के तहत 6 पदों (4 अकादमी,2 अन्य) को स्वीकृति मिली।
• उपनल कर्मचारियों के लिए: पूर्व में चरणों में समान कार्य समान वेतन के 12 वर्ष के बजाय 10 वर्ष पूरे करने वालों को समान कार्य समान वेतन 7000 से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा। 2018 से पूर्व के बाकी को भी अलग से मिलेगा लाभ। भविष्य में उपनल के माध्यम से भूतपूर्व सैनिकों के लिए पुनर्वास कार्य ही किए जाएंगे।
• सतेंद्र कुमार बनाम सीबीआई के तहत एनडीपीएस, पॉक्सो, के तहत विशेष न्यायालय बनेंगे। 16 न्यायालय बनेंगे, जिसमें 144 पद स्वीकृत हैं। देहरादून हरिद्वार नैनीताल और उधमसिंह नगर में 7 एडीजी, 9 एसीजेएम स्तर के न्यायालय होंगे।
• उत्तराखंड की विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए सीएम को निर्णय के लिए अधिकृत किया गया।
• खनन विभाग: नंधौर व अन्य नदियों में खनन का आदेश संशोधित किया गया है।
• विभिन्न खेल प्रतियोगिता के लिए विधायक स्तर की चैंपियन ट्रॉफी और एक लाख, सांसद स्तर पर चैंपियनशिप ट्राफी और 2 लाख, राज्य स्तर पर 5 लाख और ट्रॉफी मिलेगी।
• ब्रिडकुल रोपवे, टनल व कैविटी पार्किंग, ऑटोमेटेड या मेकैनिकल पार्किंग भी बनाएगा।
• बीएनएस की धारा 330 में दो पक्षों के सहमत होने पर विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। उसका एक फॉरमेट बनाने के लिए नियमावली को मंजूरी।
• यूसीसी में संशोधन को मंजूरी। अध्यादेश आएगा। जनवरी 2025 से पूर्व शादी वालों को छह माह के बजाय एक साल में कराना होगा विवाह पंजीकरण। रजिस्ट्रार जनरल अब अपर सचिव लेवल के अधिकारी होंगे। समय से काम न करने पर फाइन के बजाय पेनाल्टी किया गया।
• उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को मंजूरी, होम स्टे योजना का लाभ स्थानीय को ही मिलेगा। अब इसके लिए स्थायी निवास जरूरी होगा। ब्रेड एन्ड ब्रेकफास्ट ही करा सकेंगे बाहरी राज्यों के लोग। होम स्टे जैसा कोई लाभ नहीं मिलेगा।
• केदारनाथ धाम में एक पायलट प्रोजेक्ट बनेगा। इसमें गोबर व चीड़ की पत्तियों से बायो मास पैलेट बनेंगे। पर्यटन विभाग करेगा।

