लेखक गॉव में भारत रत्न वाजपेयी की जयन्ती पर आयोजित अटल स्मृति व्याख्यान माला-2025 कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम धामी, कहा – अटल ही थे देवभूमि उत्तराखंड को राज्य का दर्जा देने वाले
मुख्यमंत्री ने अटल प्रेक्षाग्रह का भी लोकार्पण किया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को लेखक गॉव थानो, देहरादून में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती के अवसर पर आयोजित अटल स्मृति व्याख्यान माला-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अटल प्रेक्षाग्रह का भी लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री धामी ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को राज्य का दर्जा देने वाले अटल ही थे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उनके विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिष्ठ भावना को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा स्व. अटल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा अटल ने ओजस्वी कवि के रूप में अपने शब्दों से संवेदनाओं को स्वर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा उनके लिए सदैव गर्व का विषय रहेगा कि उन्हें अपने छात्र जीवन में एबीवीपी के कार्यकर्ता के रूप में लखनऊ में स्व. श्री अटल का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री के रूप में स्व. श्री अटल ने भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा पोखरण परमाणु परीक्षण से लेकर स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना तक, ग्राम सड़क योजना से लेकर दूरसंचार क्रांति तक उनके प्रत्येक निर्णय ने भारत को एक नई दिशा दी। उन्होंने देश में सर्वप्रथम एक गठबंधन वाली सरकार का पूरा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण कर ये सिद्ध कर दिया कि जब उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति और उत्थान का हो तो विभिन्न दल भी एकजुट होकर सरकार चला सकते हैं। अटल ने देश में सेवा, सुशासन और गरीब-कल्याण पर आधारित नई कार्यसंस्कृति की शुरुआत की, जिसने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी मुख्य धारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, विदुषी निशंक, प्रेम बुढ़ाकोटी, सुरेश , प्रदीप सरधाना, डॉ. सविता मोहन एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को राज्य का दर्जा देने वाले अटल ही थे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उनके विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिष्ठ भावना को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा स्व. अटल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा अटल ने ओजस्वी कवि के रूप में अपने शब्दों से संवेदनाओं को स्वर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा उनके लिए सदैव गर्व का विषय रहेगा कि उन्हें अपने छात्र जीवन में एबीवीपी के कार्यकर्ता के रूप में लखनऊ में स्व. श्री अटल का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री के रूप में स्व. श्री अटल ने भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा पोखरण परमाणु परीक्षण से लेकर स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना तक, ग्राम सड़क योजना से लेकर दूरसंचार क्रांति तक उनके प्रत्येक निर्णय ने भारत को एक नई दिशा दी। उन्होंने देश में सर्वप्रथम एक गठबंधन वाली सरकार का पूरा कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण कर ये सिद्ध कर दिया कि जब उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति और उत्थान का हो तो विभिन्न दल भी एकजुट होकर सरकार चला सकते हैं। अटल ने देश में सेवा, सुशासन और गरीब-कल्याण पर आधारित नई कार्यसंस्कृति की शुरुआत की, जिसने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी मुख्य धारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, विदुषी निशंक, प्रेम बुढ़ाकोटी, सुरेश , प्रदीप सरधाना, डॉ. सविता मोहन एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

