अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का तीन दिवसीय 71वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन देहरादून में 28 नवंबर से होगा शुरू , पूर्व इसरो अध्यक्ष सोमनाथ करेंगे उद्घाटन
देशभर से 1500 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल,
परेड ग्राउंड में बनाए गए बिरसा मुंडा नगर में प्रथम सीडीएस जनरल विपिन रावत के नाम पर होगा मुख्य सभागार,
प्रो . यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री धामी,
समाज, शिक्षा, पर्यावरण, सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन के बाद पारित होंगे प्रस्ताव
देहरादून : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का 71वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन आगामी 28 से 30 नवंबर को देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में अस्थाई रूप से स्थापित ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ में आयोजित होगा। जिसमें देशभर से 1500 से अधिक प्रतिनिधि, जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद, पूर्णकालिक कार्यकर्ता के साथ भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ पदाधिकारी भी सम्मिलित होंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस राष्ट्रीय अधिवेशन के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों, सत्रों और प्रदर्शनी को स्थान दिया है। अधिवेशन के मुख्य सभागार का नाम भारतीय सेना के प्रथम सीडीएस जनरल विपिन रावत के नाम पर रखा गया है। साथ ही, अधिवेशन से पूर्व होने वाली महत्वपूर्ण यात्राओं में बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर झारखण्ड के उलिहातु से भगवान बिरसा संदेश यात्रा एवं रानी अब्बक्का के 500वीं जन्म जयंती के अवसर पर कर्नाटक स्थित उनकी जन्मस्थली से कलश यात्रा अधिवेशन में पहुंचेगी। साथ ही, गुरु तेग बहादुर सिंह के 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित उनके बलिदान स्थल गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से पवित्र जल भी इस अधिवेशन में लाया जाएगा।
राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ आगामी 28 नवंबर को होगा, जिसके उद्घाटन सत्र में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अधिवेशन में अभाविप के संगठन शिल्पी प्रा. यशवंतराव केलकर की स्मृति में युवा पुरस्कार समारोह का आयोजन होगा। समाज कल्याण में महती भूमिका निभाने वाले गोरखपुर के श्रीकृष्ण पाण्डेय को प्रा. यशवंतराव केलकर पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान समारोह में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। अधिवेशन के दौरान शिक्षा, समाज, पर्यावरण, सेवा, खेल, तकनीकी जैसे महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर गहन मनन-चिंतन होगा और प्रस्ताव समिति द्वारा देशभर से प्राप्त विभिन्न सुझावों पर चिंतन करके उन्हें पारित किया जाएगा।
अधिवेशन के मुख्य आकर्षण में से एक भव्य प्रदर्शनी भी है, जिसका नाम ‘महारानी अब्बक्का प्रदर्शनी’ रखा गया है। जिसमें अभाविप के विचार वृक्ष, संगठन के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अभियान, स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, संस्कृति पुनर्जागरण की विभूतियां तथा विशेष रूप से रानी अब्बक्का के साहस को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी उद्घाटन के मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण होंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “अभाविप का यह 71वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन इसलिए भी विशेष है क्योंकि देवभूमि उत्तराखण्ड में पहली बार यह राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हो रहा है। इस आयोजन की तैयारी के लिए उत्तराखण्ड में सैकड़ों कार्यकर्ता लगे हैं, जो कि देशभर से आ रहे 1500 से अधिक प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे।
परेड ग्राउंड में बनाए गए बिरसा मुंडा नगर में प्रथम सीडीएस जनरल विपिन रावत के नाम पर होगा मुख्य सभागार,
प्रो . यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री धामी,
समाज, शिक्षा, पर्यावरण, सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन के बाद पारित होंगे प्रस्ताव
देहरादून : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का 71वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन आगामी 28 से 30 नवंबर को देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में अस्थाई रूप से स्थापित ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ में आयोजित होगा। जिसमें देशभर से 1500 से अधिक प्रतिनिधि, जिनमें विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद, पूर्णकालिक कार्यकर्ता के साथ भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ पदाधिकारी भी सम्मिलित होंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस राष्ट्रीय अधिवेशन के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों, सत्रों और प्रदर्शनी को स्थान दिया है। अधिवेशन के मुख्य सभागार का नाम भारतीय सेना के प्रथम सीडीएस जनरल विपिन रावत के नाम पर रखा गया है। साथ ही, अधिवेशन से पूर्व होने वाली महत्वपूर्ण यात्राओं में बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर झारखण्ड के उलिहातु से भगवान बिरसा संदेश यात्रा एवं रानी अब्बक्का के 500वीं जन्म जयंती के अवसर पर कर्नाटक स्थित उनकी जन्मस्थली से कलश यात्रा अधिवेशन में पहुंचेगी। साथ ही, गुरु तेग बहादुर सिंह के 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित उनके बलिदान स्थल गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से पवित्र जल भी इस अधिवेशन में लाया जाएगा।
राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ आगामी 28 नवंबर को होगा, जिसके उद्घाटन सत्र में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अधिवेशन में अभाविप के संगठन शिल्पी प्रा. यशवंतराव केलकर की स्मृति में युवा पुरस्कार समारोह का आयोजन होगा। समाज कल्याण में महती भूमिका निभाने वाले गोरखपुर के श्रीकृष्ण पाण्डेय को प्रा. यशवंतराव केलकर पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान समारोह में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। अधिवेशन के दौरान शिक्षा, समाज, पर्यावरण, सेवा, खेल, तकनीकी जैसे महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर गहन मनन-चिंतन होगा और प्रस्ताव समिति द्वारा देशभर से प्राप्त विभिन्न सुझावों पर चिंतन करके उन्हें पारित किया जाएगा।
अधिवेशन के मुख्य आकर्षण में से एक भव्य प्रदर्शनी भी है, जिसका नाम ‘महारानी अब्बक्का प्रदर्शनी’ रखा गया है। जिसमें अभाविप के विचार वृक्ष, संगठन के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अभियान, स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, संस्कृति पुनर्जागरण की विभूतियां तथा विशेष रूप से रानी अब्बक्का के साहस को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी उद्घाटन के मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण होंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “अभाविप का यह 71वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन इसलिए भी विशेष है क्योंकि देवभूमि उत्तराखण्ड में पहली बार यह राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हो रहा है। इस आयोजन की तैयारी के लिए उत्तराखण्ड में सैकड़ों कार्यकर्ता लगे हैं, जो कि देशभर से आ रहे 1500 से अधिक प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे।

