उत्तराखंडटिहरी गढ़वाल

Uttarakhand:खुशियां मातम में बदलीं- कुंजापुरी दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस खाई में गिरने से पांच की दर्दनाक मौत

ब्रेक फेल होने से बडेडा गांव के पास हुआ भीषण हादसा, वेदांत कार्यशाला में शामिल होने आए थे देश भर के श्रद्धालु ,
प्रशासन ने एम्स ऋषिकेश और नरेंद्रनगर अस्पताल में भर्ती कराए घायल, डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
नई टिहरी। जनपद के प्रसिद्ध सिद्धपीठ कुंजापुरी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ रविवार को एक हृदयविदारक घटना घटित हुई, जिसने आस्था के सफर को मातम में बदल दिया। कुंजापुरी से ऋषिकेश की ओर लौट रही यात्रियों से भरी एक बस बडेडा गांव के समीप अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण सड़क हादसे में बस में सवार पांच श्रद्धालुओं की घटनास्थल पर ही दुखद मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। गंभीर रूप से घायल पांच यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है, जबकि आठ अन्य घायलों का उपचार नरेंद्रनगर के संयुक्त चिकित्सालय में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
दुर्घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। बस चालक शंभू सिंह, जो स्वयं भी इस हादसे में घायल हुए हैं, ने बताया कि पार्किंग से बस स्टार्ट करते ही वाहन अनियंत्रित होकर आगे बढ़ने लगा। उन्होंने ब्रेक लगाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन ब्रेक फेल होने के कारण बस नहीं रुकी। उन्होंने बस को पहाड़ी से टकराकर और नाली में डालकर रोकने की कोशिश की, लेकिन बस उछाल मारते हुए सीधे गहरी खाई में समा गई। वहीं, दूसरी ओर दुर्घटना में घायल एक यात्री शिव कुमार शाह ने बताया कि बस में अभी सभी लोग ठीक से चढ़ भी नहीं पाए थे कि चालक ने बस स्टार्ट कर दी। यात्रियों ने बस रोकने के लिए शोर भी मचाया, लेकिन कुछ ही पलों में बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। यह बस मुनिकीरेती स्थित दयानंद आश्रम में चल रही वेदांत कार्यशाला में भाग लेने आए श्रद्धालुओं को लेकर गई थी, जो देश के विभिन्न राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और पंजाब से यहां पहुंचे थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। एसएसपी आयुष अग्रवाल ने जानकारी दी कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया। पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने ग्रामीणों की मदद से खाई से घायलों और मृतकों को बाहर निकाला। हादसे में जान गंवाने वालों में अनीता चौहान निवासी दिल्ली, पार्थसारथी मधुसूदन जोशी निवासी बड़ोदरा गुजरात, नमिता प्रभु, अनुज वेंकटरमन और आशु त्यागी निवासी सहारनपुर उत्तर प्रदेश शामिल हैं। डीएम नितिका खंडेलवाल और एसएसपी आयुष अग्रवाल ने नरेंद्रनगर अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना और चिकित्सकों को उचित उपचार के निर्देश दिए। घायलों में से कुछ की स्थिति को देखते हुए उन्हें एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जिनमें दीक्षा, माधुरी, शिवकुमार, दीपशिखा, चौतन्य जोशी और राकेश शामिल हैं।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। बस में कुल 28 लोग सवार बताए जा रहे थे, जिनमें से कुछ लोग मामूली चोटों के कारण अपनी स्वेच्छा से आश्रम या अन्य अस्पतालों में चले गए। उदाहरण के लिए, नरेश चौहान निवासी दिल्ली खुद ही हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट चले गए, जबकि विनोद कुमार पांडे निवासी गुजरात उपचार के बाद वापस शिविर में लौट गए। नरेंद्रनगर अस्पताल में भर्ती घायलों में बालकृष्ण, अर्चिता गोयल, प्रशांत ध्रुव, प्रतिभा ध्रुव, बस चालक शंभू सिंह और राखी शामिल हैं।  प्रशासन द्वारा दुर्घटना के वास्तविक कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

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