Good Job – एईएसएल और भारतीय सेना के बीच एमओयू, जवानों व उनके परिवारों को मिलेगा शिक्षा में विशेष लाभ
एईएसएल ने भारतीय सेना के साथ साझेदारी कर सेवारत जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शैक्षणिक सहयोग व कल्याणकारी लाभ प्रदान करने का लिया संकल्प,
· कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल पी.आर. कथूरिया ने की शिरकत
देहरादून । देश की अग्रणी परीक्षा तैयारी संस्था आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य सेना के सेवारत, सेवानिवृत्त, वीरता पुरस्कार विजेता, विकलांग कर्मियों तथा शहीद जवानों के परिवारों को शैक्षणिक सहयोग और कल्याणकारी लाभ प्रदान करना है।
राजपुर रोड स्थित एईएसएल की ब्रांच में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के रीजनल हेड डीके मिश्रा ने इस एमओयू के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस समझौता समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल कर्नल पी.आर. कथूरिया ने शिक्षा के माध्यम से सेना समुदाय को सशक्त बनाने में इस साझेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। कथूरिया ने कहा कि “एईएसएल और भारतीय सेना के बीच हुआ यह सहयोग हमारे सैनिकों के परिवारों की प्रतिभा और क्षमता को निखारने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इस अवसर पर भारतीय सेना की ओर से सहायक एडजुटेंट जनरल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3 एवं 4, तथा एईएसएल की ओर से दिल्ली-एनसीआर के मुख्य शैक्षणिक एवं व्यवसाय प्रमुख डॉ. यशपाल ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू के तहत एईएसएल देशभर में अपने सभी केंद्रों पर सेना से जुड़े विद्यार्थियों को विशेष रियायतें और छात्रवृत्तियाँ उपलब्ध कराएगा। इसके अंतर्गत वीरता पुरस्कार विजेताओं और 20 फीसदी या उससे अधिक विकलांगता वाले कर्मियों के लिए 100 फीसदी ट्यूशन फीस माफ होगी।
मिश्रा ने बताया कि
सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए 20 फीसदी ट्यूशन फीस में छूट, अन्य छात्रवृत्तियों की कटौती के बाद लागू होगी।
ये रियायतें एईएसएल के नियमित छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के अतिरिक्त होंगी, जिनका लाभ देशभर के छात्र पहले से ले रहे हैं। इस अवसर पर राजपुर रोड शाखा के मैनेजर जावेद जैदी भी मौजूद रहे।
भारतीय सेना के साथ यह साझेदारी हमारे वीर जवानों के योगदान का सम्मान : रेड्डी
योगदान का सम्मान है। उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित मार्गदर्शन देकर हम उन्हें सशक्त बनाना चाहते हैं।

