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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बोले- बिहार के लोकतांत्रिक पर्व पर पड़ोसी बंगाल में लोकतंत्र की हत्या, दुर्भाग्यपूर्ण

बंगाल में भाजपा सांसद पर टीएमसी का जानलेवा हमला, लोकतंत्र का खून: भाजपा
देहरादून । भाजपा ने बंगाल में पार्टी सांसद और विधायक पर हुए जानलेवा हमले को लोकतंत्र का खून बताया है। प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि, कांग्रेस की सहयोगी सरकार ने जिस तरह लोकतंत्र की हत्या की है, उसका करारा जबाव जनता लोकतांत्रिक तरीके से विपक्ष को अवश्य देगी। वहीं उन्होंने राहुल गांधी पर तंज किया कि वे विदेश में जैसा बयान देते हैं, उनके साथी देश में तत्काल वैसा ही करके दिखा देते हैं।
मीडिया में जारी अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक तरफ बिहार में लोकतंत्र के पर्व की घोषणा हुई है तो पड़ोसी राज्य बंगाल में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। वहीं आरोप लगाते हुए कहा कि लगता है पश्चिम बंगाल में ममता सरकार पूरी तरह सांप्रदायिक और अराजक तत्वों के हाथों में खेल रही है। उनकी पार्टी के कार्यकर्ता गुंडों और दंगाइयों की तरह, लोकतंत्र का खून कर रहे हैं, जिसका वीभत्स और क्रूर उदाहरण है नागराकाटा की यह घटना, जिसमें वहां से दो बार के सांसद और लोकप्रिय आदिवासी नेता  खगेन मुर्मू एवं विधायक  शंकर घोष को खून से लतपथ कर दिया गया। उनका सिर्फ कसूर था कि वह उस समय बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लोगों के बीच पहुंचे थे, जब मुख्यमंत्री सेलिब्रेटी और मेहमानों के साथ कार्निवाल में जश्न मना रही थीं। एक तरफ, उत्तर बंगाल बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहा था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और हजारों लोग बेघर हो गए, ममता सरकार को फर्क नहीं पड़ा। लेकिन इसके विपरीत, बंगाल भाजपा के विधायक और सांसद प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर अपना योगदान दे रहे थे, तो उन्हें रोकने के लिए तृणमूल के गुंडों ने यह जानलेवा हमला किया है। आज फिर साबित हो गया कि बंगाल में कानून का नहीं, सांप्रदायिक शक्तियों और उपद्रवियों का राज चलता है।

इस पूरी शर्मनाक घटना को लेकर उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा जो  विदेश से लोकतंत्र की हत्या का राग अलाप रहे हैं। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि क्या वे कोलंबिया यूनिवर्सिटी में अपनी सहयोगी पार्टी की सरकार में लोकतंत्र का हत्या का जिक्र तो नहीं कर रहे थे। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह घटना उस समय हुई, पड़ोसी राज्य में लोकतंत्र के उत्सव का ऐलान हुआ। लिहाजा अब कांग्रेस या इंडिया गठबंधन के किसी भी नेता की ऐसी किसी भी घटना पर चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी। फिलहाल उनका जवाब आए या नहीं लेकिन जनता अपना कड़ा जवाब लोकतांत्रिक तरीके से विपक्ष को अवश्य देगी।

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