एसजीआरआर विश्वविद्यालय में एनएसएस स्थापना दिवस पर छात्र-छात्राओं ने दिया सेवा का संदेश
सांस्कृतिक कार्यक्रम से बढ़ाई एनएसएस स्थापना दिवस की शोभा,
राज्य समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना, उत्तराखण्ड ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में एनएसएस स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अन्तर्गत संचालित एक महत्त्वपूर्ण योजना है। एनएसएस का मूल मंत्र “नॉट मी, बट यू” है, जिसका उद्देश्य युवाओं में सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना है। इस योजना के माध्यम से छात्र-छात्राएँ ग्रामीण क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर कार्य करते हैं तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भागीदारी की। छात्र-छात्राआंे ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों मंे प्रस्तुतियां देकर आज के दिन को विशेष बना दिया।
बुधवार को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) पटेल नगर कैंपस के आॅडिटोरियम में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुनैना रावत, राज्य समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना, उत्तराखण्ड, प्रो. डाॅ प्रथप्पन के पिल्लई, माननीय सलाहकार, एसजीआरआर विश्वविद्यालय, डाॅ लोकेश गम्भीर, कुलसचिव एसजीआरआर विश्वविद्यालय, डाॅ नवीन गौरव, एनएसएस समन्वयक, डाॅ कमला ध्यानी कार्यक्रम अधिकारी एनएसएस ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।
मुख्य अतिथि सुनैना रावत, राज्य समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना, उत्तराखण्ड ने इस उपलक्ष्य में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय को एनएसएस की 3 स्वतंत्र इकाई (स्ववित्तपोषित यूनिट) यूनिट देने की घोषणा की।
एनएसएस स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सलाहकार प्रो. डाॅ प्रथप्पन के पिल्लई ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज में सेवा और त्याग की भावना को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे समाज सेवा को अपने जीवन का अंग बनाकर राष्ट्र के विकास में योगदान दें। कुलपति ने इस योजना को विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक सशक्त मंच बताया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ लोकेश गम्भीर ने छात्र-छात्राओं को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सेवा का भाव ही सच्ची शिक्षा का आधार है। उन्होंने कहा कि युवा तभी सफल कहलाते हैं जब वे समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए आगे आते हैं। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को विशेष बना दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, फेकल्टी सदस्य व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

