देहरादून के कार्लीगाड़ में बादल फटने से भारी तबाही, 13 लोगों की मौत , पुल और सड़कें भी टूटी, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को पहुंचा नुकसान
3 व्यक्ति घायल और 16 व्यक्ति लापता,
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर डीएम और एसएसपी सुबह सवेरे मौके पर दौड़े,
आपदा प्रभावितों के साथ हर दम खड़ा है प्रशासनः डीएम सविन बंसल,
जिनके मकान टूट गए उनको किराए पर रहने में सरकार देगी मदद,4-4 हजार रुपये की व्यवस्था करेगा प्रशासन
देहरादून। उत्तराखंड में इस साल मानसून आफत की बारिश लेकर आया हुआ है। आम जनजीवन के सामने लगातार मुश्किलें खड़ी कर रहा है। बारिश का मौसम जाते-जाते भी कई जिंदगियां साथ लेकर जा रहा है। सोमवार की मध्य रात्रि (मंगलवार तड़के) सहस्त्रधारा के कार्लीगाड़ में फटे बादल में 13 लोगों की मौत हो गई । शाम तक जिला प्रशासन ने फंसे हुए 70 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था। घटना में 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं और 3 लोग घायल हैं। इसके अलावा माल देवता क्षेत्र में भी भारी बारिश से नुकसान हुआ है। चकराता रोड पर प्रेम नगर का पुल टूट गया। हरिद्वार रोड पर डोईवाला के पास सड़क भी टूट गई है । इन घटनाओं से आवाजाही भी बंद हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जिला अधिकारी सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह अधिकारियों के अमले के साथ घटना स्थलों पर पहुंचे और बचाव एवं राहत कार्यों को संभाला।
बादल फटने की घटना से हुआ भारी नुकसान
जिला आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून में अतिवृष्टि के कारण 13 व्यक्तियों की मृत्यु, 03 व्यक्ति घायल और 16 व्यक्ति लापता हुए है। वहीं सरकारी एवं निजी परिसंपत्तियों का भी भारी नुकसान हुआ है। देहरादून जनपद के सभी विकासखंडो में 13 पुल, 10 पुलिया, 02 मकान, 31 दीवार, 02 अमृत सरोवर, 12 खेत, 12 नहर, 21 सड़के, 7 पेयजल योजना, 08 हॉज, 24 पुस्ता आदि परिसंपत्तियों का भारी नुकसान हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। आपदा प्रभावित सभी क्षेत्रों में पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की गई है। रेस्क्यू कार्य के लिए जो भी आवश्यकता पड रही है, उस पर तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से कार्लीगाड में फंसे 70 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल करने का प्रयास जारी है।
पीड़ितों की मदद और सुविधाओं की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने आपदा प्रभावित क्षेत्र सहस्रधारा, मजयाडा, कार्लीगाड में पैदल भ्रमण करते हुए क्षति का निरीक्षण किया। डीएम सविन बंसल ने देहरादून शहर के मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाडा, कार्लीगाड आदि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर मौजूदा स्थिति और क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों से भेंट करते हुए उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और सीडीओ अभिनव शाह भी उनके साथ मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्याे में तेजी लाए।
बिजली, पानी, सड़क एवं अन्य सुविधाएं करें बहालः डीएम
जिला अधिकारी ने लोनिवि एवं पीएमजीएसवाई पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी लगाते हुए अवरूद्व सड़क एवं संपर्क मार्गाे को शीघ्र सुचारू करें। प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई राशन, राहत शिविर में ठहराए गए लोगों तक फूड पैकेट वितरण सुनिश्चित करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध की जाए। जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर डीएम और एसएसपी सुबह सवेरे मौके पर दौड़े,
आपदा प्रभावितों के साथ हर दम खड़ा है प्रशासनः डीएम सविन बंसल,
जिनके मकान टूट गए उनको किराए पर रहने में सरकार देगी मदद,4-4 हजार रुपये की व्यवस्था करेगा प्रशासन
देहरादून। उत्तराखंड में इस साल मानसून आफत की बारिश लेकर आया हुआ है। आम जनजीवन के सामने लगातार मुश्किलें खड़ी कर रहा है। बारिश का मौसम जाते-जाते भी कई जिंदगियां साथ लेकर जा रहा है। सोमवार की मध्य रात्रि (मंगलवार तड़के) सहस्त्रधारा के कार्लीगाड़ में फटे बादल में 13 लोगों की मौत हो गई । शाम तक जिला प्रशासन ने फंसे हुए 70 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था। घटना में 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं और 3 लोग घायल हैं। इसके अलावा माल देवता क्षेत्र में भी भारी बारिश से नुकसान हुआ है। चकराता रोड पर प्रेम नगर का पुल टूट गया। हरिद्वार रोड पर डोईवाला के पास सड़क भी टूट गई है । इन घटनाओं से आवाजाही भी बंद हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जिला अधिकारी सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह अधिकारियों के अमले के साथ घटना स्थलों पर पहुंचे और बचाव एवं राहत कार्यों को संभाला।
बादल फटने की घटना से हुआ भारी नुकसान
जिला आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून में अतिवृष्टि के कारण 13 व्यक्तियों की मृत्यु, 03 व्यक्ति घायल और 16 व्यक्ति लापता हुए है। वहीं सरकारी एवं निजी परिसंपत्तियों का भी भारी नुकसान हुआ है। देहरादून जनपद के सभी विकासखंडो में 13 पुल, 10 पुलिया, 02 मकान, 31 दीवार, 02 अमृत सरोवर, 12 खेत, 12 नहर, 21 सड़के, 7 पेयजल योजना, 08 हॉज, 24 पुस्ता आदि परिसंपत्तियों का भारी नुकसान हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। आपदा प्रभावित सभी क्षेत्रों में पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की गई है। रेस्क्यू कार्य के लिए जो भी आवश्यकता पड रही है, उस पर तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से कार्लीगाड में फंसे 70 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल करने का प्रयास जारी है।
पीड़ितों की मदद और सुविधाओं की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने आपदा प्रभावित क्षेत्र सहस्रधारा, मजयाडा, कार्लीगाड में पैदल भ्रमण करते हुए क्षति का निरीक्षण किया। डीएम सविन बंसल ने देहरादून शहर के मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाडा, कार्लीगाड आदि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर मौजूदा स्थिति और क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों से भेंट करते हुए उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और सीडीओ अभिनव शाह भी उनके साथ मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्याे में तेजी लाए।
बिजली, पानी, सड़क एवं अन्य सुविधाएं करें बहालः डीएम
जिला अधिकारी ने लोनिवि एवं पीएमजीएसवाई पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी लगाते हुए अवरूद्व सड़क एवं संपर्क मार्गाे को शीघ्र सुचारू करें। प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई राशन, राहत शिविर में ठहराए गए लोगों तक फूड पैकेट वितरण सुनिश्चित करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध की जाए। जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए।

