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उत्तराखंड के लिए पीएम मोदी ने किया ₹1200 करोड़ का राहत पैकेज घोषित, खराब मौसम के चलते हवाई दौरा करना पड़ा रद्द

आपदा प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया
देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उत्तराखंड में मानसून की भीषण तबाही का जायजा लिया और राज्य के लिए 1200 करोड़ रुपये के विशेष वित्तीय सहायता पैकेज की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। हालांकि, खराब मौसम के चलते उनका पूर्व निर्धारित हवाई दौरा रद्द करना पड़ा।
केंद्र सरकार द्वारा घोषित इस पैकेज के तहत, आपदा में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिन बच्चों ने इस त्रासदी में अपने माता-पिता खो दिए हैं, उन्हें ‘पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना’ के तहत पूरी मदद उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र ने क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और बहाली में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
गुरुवार को सुबह देहरादून पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। पीएम मोदी को एमआई-17 हेलीकॉप्टर से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करना था, लेकिन लगातार बिगड़ते मौसम और कम दृश्यता के कारण इसे अंतिम क्षण में रद्द करना पड़ा।
देहरादून में उच्चस्तरीय बैठक कर प्रधानमंत्री ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की और राज्य में हुए नुकसान का आकलन किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र और लोगों की मदद के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का पुनर्निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों और विद्यालयों की बहाली, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से सहायता और पशुपालन हेतु मिनी किटों का वितरण शामिल होगा।
दिल्ली लौटने से पहले प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अभी दी जा रही 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता एक अंतरिम व्यवस्था है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन और केंद्रीय टीम की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में अतिरिक्त सहायता पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत, राज्य सरकार की विशेष परियोजना के तहत उन ग्रामीण परिवारों को वित्तीय सहायता दी जाएगी जिनके घर बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए हैं।

गौरतलब है कि इस वर्ष मानसून सीजन की शुरुआत से ही उत्तराखंड में बादल फटने, भूस्खलन और अत्यधिक वर्षा ने भारी तबाही मचाई है। राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदा से करीब 5700 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अप्रैल की शुरुआत से 31 अगस्त तक प्राकृतिक आपदाओं के कारण 79 लोगों की मौत हो चुकी है और 115 लोग घायल हुए हैं, जबकि 90 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की घोषित सहायता राशि को ‘नाकाफी’ करार दिया
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण महारा ने प्रधानमंत्री की घोषित सहायता राशि को ‘नाकाफी’ करार दिया। उन्होंने बताया, “राज्य को इस मानसूनी आपदा से हुए व्यापक नुकसान के सापेक्ष यह राशि बहुत कम है। केंद्र सरकार को कम से कम 10,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि तुरंत जारी करनी चाहिए।”

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