उत्तराखंडचमोली

गैरसैण में मानसून सत्र-मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट , कहा -प्रधानमंत्री के मंत्र को आत्मसात करते हुए लाया गया सप्लीमेंट्री बजट 

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’
गैरसैंण, भराड़ीसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धमी ने सदन में 5,315 करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट पेश किया।
गैरसैण में आयोजित विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किये गये  अनुपूरक बजट के संबंध में मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 5315 करोड़ रुपये का यह अनुपूरक बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सतत विकास, समावेशी विकास, नवाचार और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में हमारा संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा फोकस राज्य की मानव पूंजी में निवेश और हर वर्ग के समावेशी विकास पर है। किसानों, श्रमिकों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं, सुरक्षा बलों और पत्रकारों सहित सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।
सीएम ने कहा -विकास यात्रा में साथ दे जनता 
यह अनुपूरक बजट नए उत्तराखण्ड की दिशा में एक और मजबूत कदम है। मैं राज्य की जनता से अपील करता हूं कि इस विकास यात्रा में हमारा साथ दे।”राज्य में विद्युत टैरिफ सब्सिडी, स्वास्थ्य योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, पुलिसकर्मियों के आवास, तीमारदारों के विश्राम गृह तथा शहीद व पत्रकार कल्याण कोष के लिए समुचित प्रावधान किए गए हैं।
आपदा राहत में किए गए प्रभावी बजटीय प्रावधान 
हमारी सरकार ने आपदा न्यूनीकरण और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है, ताकि ‘इकोलॉजी’ और ‘इकोनॉमी’ के बीच संतुलन बना रहे। भू-धसाव, भूकंप जोखिम, स्प्रिंग मैपिंग, और आपदा राहत के लिए प्रभावी बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
बुनियादी ढांचे के लिए की बजट की व्यवस्था 
बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, कुंभ मेला अवसंरचना, तथा पर्यटन विकास को भी विशेष महत्व दिया गया है।
सरकार हरिद्वार को आध्यात्मिक पर्यटन नगरी  के रूप में विकसित करने को प्रतिबद्ध 
हम ऋषिकेश को योग नगरी और हरिद्वार को आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने को प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, नन्दा राजजात यात्रा और शारदा रिवर फ्रंट जैसे सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों को भी सशक्त किया जा रहा है।

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