राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण — समय पर निस्तारित होंगे अस्पतालों के क्लेम : अरविंद ह्यांकी
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष ने नई व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर दिया जोर,
रिजेक्ट मामलों में प्राधिकरण के पोर्टल पर रिव्यू डाल सकेंगे आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पताल
देहरादूनः राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण उत्तराखंड के अध्यक्ष श्री अरविंद सिंह ह्यांकी ने आयुष्मान भारत योजना तथा राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के अन्तर्गत चिकित्सालयों तथा कार्मिकों/पेंशनरों के दावों के भुगतान की प्रगति की समीक्षा करते हुए दावों के परीक्षण में अपेक्षित सावधानी सुनिश्चित करने, ऑन लाईन पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का समय से समाधान करने तथा दावाकर्ता चिकित्सालयों तथा कार्मिकों एवं पेंशनरों को उनके दावों के निस्तारण की अद्यतन स्थिति पोर्टल अथवा एस.एम.एस. के माध्यम से सूचित करने की प्रभावी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।
बता दें कि कुछ समय पूर्व आयुष्मान पोर्टल में हो रही तकनीकी समस्या के साथ-साथ राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के अन्तर्गत धनाभाव के कारण दावों का भुगतान लम्बित होने की स्थिति बनी हुई थी जिस पर मा. स्वास्थ्य मंत्री जी ने शासन एवं प्राधिकरण स्तर के सम्बन्धित अधिकारियों के साथ समय-समय पर समीक्षा करते हुए शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। तदक्रम में शासन द्वारा राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के लम्बित दावों के भुगतान के लिए प्राधिकरण को हाल ही में ऋण के रूप में रू. 75.00 करोड़ भी उपलब्ध कराया गया।
अध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण स्तर पर दैनिक समीक्षा एवं अनुश्रवण के फलस्वरूप आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत चिकित्सालयों के पूर्व लम्बित दावों का भुगतान करा दिया गया है। वर्तमान में दावा प्राप्ति की तिथि के 15 दिन के अन्दर भुगतान कर दिए जाने की स्थिति बन गयी है। राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के अन्तर्गत भी राज्य सरकार से प्राप्त बजट का उपयोग करते हुए चिकित्सालयों के पूर्व लम्बित दावों का भुगतान कर दिया गया है। कार्मिकों/पेंशनरों के प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान हेतु आवश्यक औपचारिकताएं भी लगभग पूर्ण कर ली गई हैं जिसके अनुसार धन उपलब्धता के आलोक में दिनांक 06.06.2025 तक प्राप्त प्रतिपूर्ति दावों का भुगतान प्रारम्भ कर दिया गया है। और उसके बाद प्राप्त दावों का भी शीघ्र भुगतान करने का प्रयास किया जाएगा।
कहा – चिकित्सालयों को रिव्यू आवेदन प्रस्तुत करने का अधिकार
आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत प्राधिकरण द्वारा पूर्व में निरस्त किए गए दावों के सापेक्ष भारत सरकार की गाईडलाइंस के अनुसार चिकित्सालयों को रिव्यू आवेदन प्रस्तुत करने का अधिकार है, लेकिन भारत सरकार के टीएमएस पोर्टल में ऑनलाइन रिव्यू दाखिल करने की व्यवस्था अभी तक चालू नहीं हो पाई है। फलस्वरूप रिजेक्ट मामलों में रिब्यू नहीं हो पा रहा था। अस्पतालों की इस परेशानी के समाधान के लिए प्राधिकरण द्वारा एक अल्पकालिक वैकल्पिक समाधान के रूप में चिकित्सालयों को प्राधिकरण के अपने पोर्टल में रिव्यू दाखिल करने की सुविधा दी गयी है। नई व्यवस्था पर चिकित्सालयों के रिव्यू आवेदन प्राप्त होने प्रारम्भ हो गये हैं। रिव्यू मामलों के निस्तारण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित कर दी गयी है तथा कार्य प्रगति की दैनिक समीक्षा भी की जा रही है।
रिजेक्टेड मामलों को छोड़कर अन्य लम्बित दावों का अधिकांश भुगतान
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण अध्यक्ष ने समस्त सूचीबद्ध चिकित्सालयों से भी अपील की है कि चूँकि इन दोनों योजनाओं में रिजेक्टेड मामलों को छोड़कर अन्य लम्बित दावों का अधिकांश भुगतान कर दिया गया है तथा अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए भी सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसलिए उनके स्तर पर उपचार के लिए आने वाले लाभार्थियों को त्वरित एवं उपचार की बेहतर सुविधा निर्बाध रूप से सुलभ कराकर इन जनहितकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सहयोग करें।

