राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने सदन में पूछे पीएम सूर्यघर योजना, राष्ट्रीय कैरियर योजना और भाषा से संबंधित सवाल
मिला जवाब -पीएम सूर्य घर योजना के तहत देश में 15,76,860 परिवारों को रूफटॉप सौर स्थापना से मिला लाभ
नई दिल्ली/देहरादून। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने सदन के माध्यम से पीएम सूर्यघर योजना, राष्ट्रीय कैरियर योजना और भाषा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे।
सदन में उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लाभान्वित परिवारों की जानकारी मांगते हुए पूछा, क्या योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर प्रदान किया जा रहा है। वहीं सब्सिडी बढ़ाने की प्रस्तावित संरचना की जानकारी भी मांगी। जिसके जवाब में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा एवं विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक ने बताया कि, पीएम सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना की स्थिति के अनुसार, देश भर में कुल 15,76,860 परिवारों को रूफटॉप सौर स्थापना से लाभ मिला है। यह योजना मांग आधारित है, जिसमें देश के सभी आवासीय उपभोक्ता जिनके पास स्थानीय डिस्कॉम से ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, वे योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके योजना का लाभ उठा सकते है।
वहीं श्रम और रोजगार मंत्रालय से राज्य सभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 1376 के तहत उन्होंने राष्ट्रीय कैरियर सेवा परियोजना की जानकारी पूछी। जिसके उत्तर में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा कारान्दलाजे ने बताया कि एनसीएस के अंतर्गत सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं तथा आदर्श करियर केंद्रों (एमसीसी), रोजगार कार्यालयों, सामान्य सेवा केंद्रों, साइबर कैफे आदि के माध्यम से सीधे इन तक पहुंचा जा सकता है। उत्तराखंड में कुल 5 ऐसे केंद्र संचालित है जिसमें अल्मोड़ा, हरिद्वार,उद्यम सिंह नगर, देहरादून रोजगार कार्यालय और गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक सहसपुर शामिल हैं।
अंग्रेजी के अलावा अरबी भाषा में विभिन्न संस्थाओं में
सबसे अधिक शिक्षार्थी नामांकित
राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने शिक्षा मंत्रालय से विदेशी भाषाएँ सिखाने वाले संस्थान को लेकर पूछा कि अंग्रेजी के अतिरिक्त कौन सी विदेशी भाषा सबसे अधिक पढ़ाई जा रही है। जिसके जवाब में शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. सुकान्त मजूमदार ने कहा, विदेशी भाषाओं में, अंग्रेज़ी के अतिरिक्त अरबी भाषा वह भाषा है, जिसमें भारत की विभिन्न संस्थाओं में सबसे अधिक संख्या में शिक्षार्थी नामांकित हैं। अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, 87 संस्थाएं अरबी भाषा में कार्यक्रम प्रदान करती हैं।

