धामी सरकार का बड़ा एक्शन- भू-उपयोग नियमों का उल्लंघन करने पर 42 प्रकरणों में मुकदमे दर्ज
राज्य में भू-उपयोग उल्लंघन के मामलों में की गई बड़ी कार्रवाई,
भू उपयोग उल्लंघन के 88 मामले आए सामने, 42 प्रकरणों में धारा 166-167 के तहत किए गए वाद दायर
देहरादून। प्रदेश में भू अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्रदान की गई भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष भू उपयोग उल्लंघन के मामलों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तेजी से कार्यवाही गतिमान है। राज्य में उत्तराखंड भूमि अधिनियम की धारा 154 (4) (3) क के अंतर्गत कुल 532 प्रकरणों पर भूमि क्रय की अनुमति प्रदान की गयी है, जिसके सापेक्ष भू उपयोग उल्लंघन के 88 मामले सामने आए हैं। ऐसे उल्लंघन के 42 प्रकरणों पर धारा 166-167 के तहत वाद दायर किए गए हैं। जबकि अधिनियम की धारा 154 (4) (3) ख के तहत दी गई 963 भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष 172 प्रकरणों में भू उपयोग का उल्लंघन किया जाना पाया गया है। जिसके विरूद्ध 112 मामलों में वाद दायर किए गए हैं। जबकि अधिनियम की धारा 154 (4) (1) क के अंतर्गत प्रदेश में भूमि क्रय के सापेक्ष भू उपयोग उल्लंघन के कुल 147 प्रकरणों पर कार्यवाही गतिमान है। जिसमें देहरादून के 77 में से 50 प्रकरणों पर, हरिद्वार में 20, पौड़ी में 17, टिहरी में 29 तथा उत्तरकाशी में 1 मामले में कार्यवाही गतिमान है। जबकि अल्मोड़ा के तीन मामलों में एक प्रकरण की भूमि राज्य सरकार में निहित की गई है।
कुल 3.006 है. भूमि की गई राज्य सरकार में निहित
प्रदेश में भूमि क्रय की अनुमति के सापेक्ष भू उपयोग के उल्लंघन की दिशा में कुल 3.006 है. भूमि राज्य सरकार में निहित की गई है। जिसमें कपकोट, बागेश्वर में मै. त्रिलोक ग्रामोद्योग सेवा समिति को मौन पालन को क्रय की गई 0.040 हैक्ट, रुद्रपुर, उधमसिंहनगर में एम.एस. स्टैण्डर्ड स्प्लिन्ट्स लि. द्वारा डी. सेवत्था पांडे पुत्र दूरई राजन को 1.6530 हैक्ट, सिलटोना श्री कैंची धाम, नैनीताल में भावनी सिंह पत्नी कुंवर रघुराज प्रताप सिंह, सिंह निवास 5, बद्रीहाउस शाहजनफरोड़, लखनऊ को कृषि को 0.555 हैक्ट, दिगोटी द्वाराहाट, अल्मोड़ा में कृषि हेतु 0.020 हैक्ट, कटारमल चौखुटिया, अल्मोड़ा में रैनाबाड़ी हैल्थ रिजार्ट को रिसोर्टस के लिए 0.713 हैक्ट, कोट्यूड़ा, अल्मोड़ा में प्रणव सिंह पुत्र महेन्द्र प्रताप सिंह, निवासी-प. बंगाल को आवासीय प्रयोजन के लिए 0.025 हैक्ट. भूमि शामिल है।*****************************************भूमि प्रबंधन तथा भू व्यवस्था एवं सुधार के लिए प्रदेश में सशक्त भू कानून लागू हो गया है। इसी के साथ जनभावनाओं के अनुरूप उत्तराखंड में कृषि और उद्यान भूमि की अनियंत्रित बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई है। भू अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध भी लगातार कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, और इस तरह की जमीनों को राज्य सरकार में निहित किया जा रहा है।” : पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

