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इंसाफ की जीत- अंकिता भंडारी हत्याकांड में 32 महीने बाद दोषी पुलकित आर्या , सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को मिली किये की सजा, अदालत ने सुनाई आजीवन कठोर कारावास की सजा

परिवार को 4 लाख का मुआवजा ,साथ-साथ चलेगी तीनों की सभी सजाएं ,
टिहरी जेल से कोटद्वार जेल लाया गया पुलकित आर्या,
32 महीने बाद आया कोर्ट का फैसला,
हजारों- लाखों लोग कर रहे थे फैसले का इंतजार
कोटद्वार/ पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय का इंतजार कर रहे हजारों लाखों लोगों के लिए शुक्रवार को दोपहर बाद फैसला सामने आ गया।बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने फैसला सुना दिया । कोर्ट ने तीनों आरोपियों रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। इन पर 302, 201, 354, धाराओं में दोष सिद्ध हुआ है। वहीं, कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड और अंकिता के परिजनों को चार लाख रुपये देने का फैसला भी कोर्ट ने सुनाया।
कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों पुलकित आर्या, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को दोषी करार दिया है। तीनों को दोषी करार देने के बाद कोर्ट ने उन्हें सजा भी सुनाई ।
अंकिता भंडारी मर्डर केस में न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोटद्वार रीना नेगी ने तीनों आरोपियों को सजा सुनाई।तीनों की सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357क के तहत कुल 4 लाख रुपए प्रतिकर मृतक अंकिता के परिजनों को देना है।
ज्ञात हो कि मुख्य आरोपी पुलकित आर्या को इससे पहले शुक्रवार को सुबह टिहरी जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच कोटद्वार लाया गया। कोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। पौड़ी गढ़वाल के एसएसपी लोकेश्वर सिंह खुद सुरक्षा पर नजर रखे हुए थे।
अंकिता भंडारी की हत्या सितंबर 2022 में हुई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। वह पुलकित आर्या के रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत थी। अंकिता भंडारी पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाए जाने के आरोप दोषियों पर लगे थे। विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई थी।इस केस को लेकर पूरे उत्तराखंड सहित देशभर की जनता की निगाहें आज के फैसले पर टिकी थीं। कोर्ट के इस निर्णय से अंकिता के परिजनों और समाज को राहत मिली है। हालांकि अंकिता भंडारी के माता-पिता बेटी के हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे थे। बताते चले कि मुख्य दोषी पुलकित आर्या के पिता विनोद आर्या त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में राज्य मंत्री रहे हैं ।वहीं, भाई अंकित आर्या को तीरथ सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा मिला था। ये प्रकरण सामने आने के बाद दोनों को तमाम पदों से हटाते हुए पार्टी से बाहर कर दिया गया था।
पुलकित आर्या के रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता:

अंकिता भंडारी अपने गृह जनपद पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। 19 वर्षीया अंकिता की 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्या ने अपने दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। 23 सितंबर को इन तीनों को गिरफ्तार किया गया था। 24 सितंबर को इन तीनों की निशानदेही पर ऋषिकेश की चीला नहर से अंकिता भंडारी का शव बरामद हुआ था।
अंकित भंडारी हत्याकांड में पुलकित आर्या था मुख्य आरोपी

अंकिता भंडारी हत्याकांड में यमकेश्वर के वनंत्रा रिजॉर्ट का मालिक पुलकित आर्या मुख्य आरोपी था। इस मामले में पुलकित आर्या और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अंकिता भंडारी हत्याकांड के खुलासे के लिए डीआईजी (कानून-व्यवस्था) पी. रेणुका देवी के नेतृत्व में एसआईटी टीम गठित की गई थी।
 2 साल 8 महीने तक चले केस के बाद आया फसला
पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार स्थित एडीजे कोर्ट में 30 जनवरी 2023 को अंकिता भंडारी हत्या मामले की पहली सुनवाई हुई थी। इसके बाद पक्ष और विपक्ष की ओर से दलीलों का 2 साल 8 महीने तक लंबा दौर चला।  30 मई  को कोटद्वार की एडीजे कोर्ट ने पहले तीनों आरोपियों को दोषी पाने का फैसला सुनाया। दोषी पाने का फैसला सुनाने के कुछ समय बाद ही अदालत ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य दोषी पुलकित आर्या और उसके दो कर्मचारियों और सहयोगियों अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
 मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य को यह सजा मिली 
अभियुक्त पुलकित आर्य को धारा 302 आईपीसी में कठोर आजीवन कारावास व 50,000 रुपए जुर्माना, धारा 201 आईपीसी में 5 वर्ष कठोर कारावास व 10,000 रुपए जुर्माना, धारा 354क आईपीसी में 2 वर्ष का कठोर कारावास व 10,000 जुर्माना व धारा 5(1)घ आईटीपीए एक्ट में 5 वर्ष का कठोर कारावास व 2,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है। कुल 72 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
अभियुक्त सौरभ भास्कर व अभियुक्त अंकित गुप्ता को यह सजा
अभियुक्त सौरभ भास्कर व अभियुक्त अंकित गुप्ता को धारा 302 आईपीसी में आजीवन कठोर कारावास व 50,000 रुपए जुर्माना, धारा 201 आईपीसी में 5 वर्ष कठोर कारावास व 10,000 जुर्माना व 5(1)घ आईटीपीए एक्ट में 5 वर्ष का कठोर कारावास व 2,000 जुर्माना की सजा सुनाई है. दोनों को कुल 62 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से क्या कुछ किया गया
अंकिता की हत्या के बाद आरोपियों को 24 घंटे के अंदर जेल भेजा गया और अभी तक वह सलाखों के पीछे हैं।
अंकिता भंडारी हत्या मामले में जांच के लिए  एसआईटी का गठन किया गया।
अंकिता हत्याकांड के आरोपियों पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी  केस दर्ज हुआ।
धामी सरकार ने अंकिता भंडारी के परिवार को  ₹25 लाख की आर्थिक मदद दी।
अंकिता हत्याकांड मामले में 500 पन्नों की चार्जशीट तैयार  हुई।97 गवाहों के बयान भी शामिल किए ।
अंकिता के परिजनों की मांग पर 3 बार  सरकारी वकील बदले गए।
दिवंगत बेटी अंकिता के भाई और उसके पिता को  सरकारी नौकरी दी गई।
कोर्ट में सरकारी वकील की सख्त पैरवी की वजह से आरोपियों  की तरफ से दी गई जमानत अर्जी हर बार  खारिज हुई।

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